खिलाड़ियों से इनाम में 20% कमीशन मांग रहे अधिकारी: पैरा शूटर्स बोले- इनकार किया तो एशियन गेम्स के लिए सिलेक्शन नहीं हुआ
पैरा शूटर्स ने अधिकारियों पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया
पैरा शूटर्स ने खेल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खिलाड़ियों का दावा है कि उनसे पदक जीतने पर मिलने वाली इनामी राशि में 20 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। खिलाड़ियों के मुताबिक, जब उन्होंने यह रकम देने से इनकार किया, तो उन्हें एशियन गेम्स के लिए चयनित नहीं किया गया। इस आरोप ने खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया और खेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि पदक जीतने के बाद मिलने वाली इनामी राशि उनकी उपलब्धियों के सम्मान और प्रोत्साहन का हिस्सा होती है।
ऐसे में यदि किसी अधिकारी की ओर से इनाम में कमीशन मांगे जाने का आरोप सही पाया जाता है, तो यह खिलाड़ियों के अधिकारों और खेल व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला होगा। हालांकि, आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्थापित हो सकती है। पैरा शूटर्स का आरोप है कि कमीशन देने से इनकार करने का असर उनके चयन पर पड़ा। खिलाड़ियों ने संबंधित अधिकारियों के व्यवहार और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि आरोपों की पुष्टि हो सके और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
इनाम की राशि में 20 प्रतिशत कमीशन मांगने का दावा
पैरा शूटर्स ने दावा किया है कि अधिकारियों ने उनसे मिलने वाली इनामी राशि में 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की। खिलाड़ियों के मुताबिक, उनसे कहा गया कि प्रतियोगिता में पदक आने और सरकार की ओर से इनाम दिए जाने पर निर्धारित हिस्सा कमीशन के रूप में देना होगा। खिलाड़ियों ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार किया। उनका आरोप है कि इसके बाद चयन प्रक्रिया में उनके साथ भेदभाव किया गया।
खिलाड़ियों का कहना है कि चयन खेल प्रदर्शन, निर्धारित मानकों और लागू नियमों के आधार पर होना चाहिए। यदि चयन को किसी कथित आर्थिक मांग से जोड़ दिया गया हो, तो इससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकता है। हालांकि, इस तरह के आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित खिलाड़ियों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज और चयन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है। पैरा शूटर्स का आरोप केवल कमीशन की मांग तक सीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया है कि इनकार करने के बाद उन्हें एशियन गेम्स के लिए चयन का अवसर नहीं मिला। आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष और जांच का नतीजा सामने आना जरूरी है, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
चयन प्रक्रिया की जांच की मांग
खिलाड़ियों ने कथित कमीशन मांगने और चयन से वंचित किए जाने के मामले की जांच की मांग की है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए चयन में पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है। खिलाड़ियों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनके चयन का फैसला प्रदर्शन, पात्रता और घोषित नियमों के अनुसार किया जा रहा है। यदि किसी खिलाड़ी को लगता है कि चयन प्रक्रिया में अनियमितता हुई है, तो संबंधित दस्तावेज और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर शिकायत की जांच की जा सकती है।
इस मामले में भी आरोपों की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि कमीशन की मांग की गई थी या नहीं और चयन संबंधी फैसले किन आधारों पर लिए गए। बिना जांच के आरोपों को प्रमाणित तथ्य मानना उचित नहीं होगा। पैरा खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता में चयन और तैयारी के अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में संबंधित खेल संस्थाओं को शिकायतों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पैरा शूटर्स का आरोप गंभीर है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
