भोपाल में हर माह 45 चोरियां, पिछले साल से 10% बढ़े नकबजनी के मामले
राजधानी भोपाल में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले नकबजन बेखौफ हैं। कोलार से मिसरोद तक एक ही रात में चोरों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। हाल की वारदातों में चोरों ने पुलिस को सीधे चुनौती देते हुए कोलार में ट्रैफिक एसीपी विजय कुमार दुबे के घर से करीब 10 लाख रुपए नकद, सोने के जेवर और चांदी के सिक्के-बर्तन चोरी कर लिए। वहीं, मिसरोद की हाई-प्रोफाइल गोल्डन सिटी में तार फेंसिंग काटकर तीन बंगलों को निशाना बनाया।
लगातार बढ़ रहे नकबजनी के मामले
शहर में 1 जनवरी से 10 सितंबर तक 375 से ज्यादा नकबजनी के मामले सामने आ चुके हैं। यानी करीब साढ़े आठ महीने में औसतन हर महीने भोपाल में चोरी के 45 मामले सामने आए। पिछले साल 432 नकबजनी हुई थीं। इस साल सितंबर के पहले सप्ताह तक ही 375 से ज्यादा मामले हो चुके हैं। यानी, पिछले साल से 10 फीसदी से अधिक वृद्धि हुई है।
सीसीटीवी और अन्य सुराग के बावजूद कई मामलों में आरोपी पकड़ से बाहर हैं। बदमाश रैकी कर वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। कार सवार लोगों पर भी पुलिस को शक नहीं होता। नकबजनी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के सूने मकान में हुई लाखों रुपए की चोरी में पुलिस वारदात में शामिल गिरोह की पहचान होने का दावा कर चुकी है।

