दिल्ली एसआईआर में आडवाणी-सिसोदिया समेत 33 लाख मतदाताओं को नोटिस
दिल्ली में दिल्ली एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार कुल 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया समेत कई प्रमुख नाम भी शामिल हैं। दिल्ली के मतदाताओं द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत जमा किए गए नामांकन फॉर्म की जानकारी में गड़बड़ी मिलने पर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
मतदाताओं से जवाब और जरूरी दस्तावेज मांगे गए
नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। खबर के अनुसार यह प्रक्रिया मतदाता सूची में दर्ज जानकारी की जांच से जुड़ी है। दिल्ली के चुनाव कार्यालय के मुताबिक बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 13.43 लाख से ज्यादा मतदाताओं को पहले ही नोटिस मिल चुका था।
आडवाणी और सिसोदिया का नाम भी सूची में
दिल्ली एसआईआर के तहत भेजे जा रहे नोटिस में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया के नाम भी सामने आए हैं। खबर के अनुसार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी इससे पहले नोटिस जारी होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा कुछ रिपोर्टों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सूद और पूर्व सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी समेत अन्य नामों का भी उल्लेख किया गया था।
29 अक्टूबर तक जवाब देने की समयसीमा
नोटिस पाने वाले मतदाताओं को 29 अक्टूबर तक अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने हैं। रिपोर्ट के अनुसार एसआईआर की दावा-आपत्ति प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलने वाली है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी। दिल्ली के चुनाव कार्यालय के मुताबिक ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नामांकन फॉर्म में गड़बड़ी के संबंध में नोटिस भेजे जाने हैं। इनमें से बड़ी संख्या में नोटिस पहले ही जारी हो चुके हैं।
घर-घर सत्यापन के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में घर-घर सत्यापन अभियान भी चलाया गया था। मतदाताओं द्वारा जमा किए गए फॉर्म की जानकारी की जांच के बाद जिन मामलों में गड़बड़ी सामने आई, वहां नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी को जांचना और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करना है। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब देना होगा। इस तरह दिल्ली एसआईआर के तहत जारी नोटिस की संख्या 33 लाख से ज्यादा हो चुकी है और प्रक्रिया के अगले चरण में मतदाताओं से प्राप्त जवाब तथा दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
