ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र की अर्जी पर विचार से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अर्जी पर विचार से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से जुड़े केंद्र की अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया। केंद्र सरकार की ओर से उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें ग्रेट निकोबार आइलैंड मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने के बजाय हाईकोर्ट में लंबित कार्यवाही को देखते हुए केंद्र की अर्जी पर विचार नहीं किया। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में पहले से चल रही है और उसकी अगली सुनवाई 23-24 नवंबर को निर्धारित है।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। इसी आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब संबंधित मामला हाईकोर्ट में पहले से लंबित है और उसकी सुनवाई के लिए तारीख भी निर्धारित है, तो इस स्तर पर मामले में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसी आधार पर केंद्र की अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट को तय तारीख पर मामले की सुनवाई करने के लिए कहा।
प्रोजेक्ट को लेकर जनहित याचिका का मामला
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर दायर जनहित याचिका यानी PIL में आरोप लगाया गया था कि मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए सहमति लेने की प्रक्रिया में वन अधिकार अधिनियम से जुड़े प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। मामले में ग्रेट निकोबार आइलैंड पर प्रस्तावित मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर कई कानूनी और पर्यावरणीय सवाल उठाए गए हैं। इसी संदर्भ में हाईकोर्ट में याचिका लंबित है।
केंद्र सरकार की ओर से अदालत में यह भी बताया गया कि इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरणीय मंजूरी से संबंधित मामला पहले ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT के सामने चुनौती का विषय रह चुका है। केंद्र की ओर से मामले के राष्ट्रीय महत्व का भी उल्लेख किया गया। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने केंद्र सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए मामले के महत्व का उल्लेख किया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट में लंबित कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की सुनवाई का इंतजार किया
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले को देखते हुए कहा कि जब संबंधित विषय हाईकोर्ट में लंबित है तो वहां की कार्यवाही को आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई 23 और 24 नवंबर को करेगा। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अर्जी पर इस समय विचार नहीं किया और मामले को हाईकोर्ट की निर्धारित सुनवाई की दिशा में आगे बढ़ने दिया।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण, वन अधिकार और स्थानीय जनजातीय आबादी से जुड़े मुद्दों पर कानूनी बहस चल रही है। केंद्र सरकार प्रोजेक्ट के राष्ट्रीय महत्व पर जोर दे रही है, जबकि याचिका में प्रोजेक्ट की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के रुख से फिलहाल हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही प्रभावित नहीं हुई है। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में तय है और उसी दौरान संबंधित कानूनी मुद्दों पर आगे विचार होगा।
