महुआ मोइत्रा ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कराई शिकायत, मुकदमे की मांग
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महुआ शिकायत में उन्होंने मतदाता सूची को लेकर कई आरोप लगाए हैं। महुआ का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में मतदाता सूची में नियमों के खिलाफ बदलाव किए गए और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए।
महुआ ने शिकायत की कॉपी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए ज्ञानेश कुमार पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाकी दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना भी काम किया गया। महुआ ने यह भी कहा कि असली मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित करना कोई आधिकारिक काम नहीं है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगाए आरोप
शिकायत में मतदाता सूची से जुड़े बदलावों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसे पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिन्हें मतदाता सूची में शामिल करने का आदेश अदालतों की ओर से दिया गया था। महुआ शिकायत में इस बात को भी उठाया गया कि राज्य स्तर के चुनाव अधिकारियों को मतदाता सूची तक पूरी पहुंच नहीं दी गई।
चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना उसके नाम से पत्र या संदेश जारी किए जाने की बात भी शिकायत से जुड़े विवरण में सामने आई है। इसके साथ ही VIP और प्रमुख लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने के लिए अनौपचारिक निर्देश दिए जाने की बात भी कही गई है। महुआ ने शिकायत में मांग की है कि मामले में मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने मतदाताओं के अधिकार से जुड़े मुद्दे को भी उठाया और कहा कि वास्तविक मतदाताओं को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित करने वाले मामलों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
चुनाव आयोग के भीतर भी उठी आपत्तियों का जिक्र
इस मामले के साथ चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर आपत्तियों का भी उल्लेख किया गया है। चुनाव आयुक्तों की ओर से पिछले कुछ समय में आयोग के फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। दिल्ली में शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। महुआ ने अपने आरोपों को सामने रखते हुए कार्रवाई की मांग की है। महुआ शिकायत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर मुकदमे की मांग की गई है।
शिकायत ऐसे समय में दर्ज की गई है जब मतदाता सूची और उससे जुड़े डिजिटल सिस्टम तथा फॉर्म में बदलाव को लेकर भी चुनाव आयोग के भीतर आपत्तियों की चर्चा सामने आई है। मतदाता सूची तक पहुंच, पात्र मतदाताओं के नाम और आयोग की प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल इस पूरे मामले का हिस्सा हैं।
