अमेरिका में पहली बार सजा-ए-मौत टीवी पर लाइव होगीः 16 साल पहले जहां 13 लोगों की जान ली, दोषी को वहीं गोली मारी जाएगी
फोर्ट हुड गोलीबारी के दोषी निडाल हसन को मृत्युदंड
अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में पूर्व अमेरिकी सेना मेजर निडाल हसन को गोली मारकर मृत्युदंड दिया जाएगा। खबर में बताया गया है कि यह सजा टेक्सास स्थित फोर्ट हुड में दी जाएगी, जहां वर्ष 2009 में गोलीबारी की घटना हुई थी। उस घटना में 13 लोगों की जान गई थी। रिपोर्ट में मृत्युदंड की तारीख 3 दिसंबर बताई गई है। खबर में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि सजा का लाइव प्रसारण किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह अमेरिका में पहली बार होगा जब मृत्युदंड को टीवी पर लाइव दिखाया जाएगा। इस प्रसारण और सजा की तारीख से जुड़ी जानकारी को प्रकाशन से पहले आधिकारिक रूप से सत्यापित करना आवश्यक है।
सजा-ए-मौत लाइव प्रसारित किए जाने का दावा इस खबर का प्रमुख पहलू है। अखबार में इस मामले को 16 साल पहले हुई गोलीबारी और उसी स्थान पर दी जाने वाली सजा से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। खबर में निडाल हसन के खिलाफ चले सैन्य मुकदमे और उसे सुनाई गई सजा का भी उल्लेख किया गया है।
वर्ष 2009 में फोर्ट हुड में हुई थी गोलीबारी
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 नवंबर 2009 को टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी हुई थी। इस घटना में 13 सैनिकों की मौत हुई थी। खबर में इसे अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुई घातक गोलीबारी बताया गया है। उस समय निडाल हसन अमेरिकी सेना में मेजर था। रिपोर्ट में कहा गया है कि गोलीबारी के दौरान हसन भी घायल हुआ था। वह कमर के नीचे लकवाग्रस्त हो गया था। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश से जुड़े आरोपों पर मुकदमा चला। अखबार के अनुसार, उसे हत्या के मामलों में दोषी ठहराया गया था।
खबर में इस घटना को अमेरिकी सेना से जुड़े गंभीर मामलों में शामिल बताया गया है। घटना में जान गंवाने वाले लोगों और घायल हुए लोगों का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट निडाल हसन को दी गई सजा के बारे में जानकारी देती है। उसी फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर सजा दिए जाने की बात को भी समाचार में प्रमुखता से रखा गया है।
गोली मारकर मृत्युदंड दिए जाने की जानकारी
अखबार में प्रकाशित विवरण के अनुसार, निडाल हसन को गोली मारकर मृत्युदंड देने की सजा सुनाई गई थी। रिपोर्ट बताती है कि सैन्य अदालत ने उसे हत्या के मामलों में दोषी ठहराया और वर्ष 2013 में मृत्युदंड सुनाया। खबर में कहा गया है कि हसन को 3 दिसंबर को उसी सैन्य अड्डे पर गोली मारकर सजा दी जाएगी, जहां 2009 में गोलीबारी हुई थी।
अमेरिका में सैन्य न्याय व्यवस्था के अंतर्गत इस मामले में मुकदमा चलाया गया था। अखबार के मुताबिक, मृत्युदंड के लिए निर्धारित तारीख और सजा के तरीके को लेकर यह मामला चर्चा में है। हालांकि, सजा की तारीख, उसे लागू किए जाने की व्यवस्था और प्रसारण संबंधी दावों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए। सजा-ए-मौत लाइव दिखाए जाने की बात को रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान से जोड़ा गया है। इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे स्थापित तथ्य की तरह प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। समाचार में जो जानकारी दी गई है, उसे रिपोर्ट के दावे के रूप में ही समझना आवश्यक है।
हसन ने हमले को जिहाद बताया था
अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि निडाल हसन ने गोलीबारी के बाद हमले को जिहाद से जोड़कर देखा था। खबर के अनुसार, हसन ने अपने कृत्य को लेकर पछतावा नहीं जताया और खुद को शहीद मानने की बात कही। रिपोर्ट में हसन के विचारों का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि वह अफगानिस्तान और इराक में चल रहे युद्धों को गैरकानूनी और अनैतिक मानता था।
खबर में हसन के कथनों को उस मामले के संदर्भ में रखा गया है, जिसमें उसे 13 लोगों की मौत और अन्य लोगों की हत्या की कोशिश से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था। यह मामला अमेरिकी सैन्य अदालत में चला और वर्ष 2013 में उसे मृत्युदंड सुनाया गया। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अब उसे गोली मारकर सजा देने की बात कही गई है। सजा के लाइव प्रसारण संबंधी दावे और तारीख की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी का मिलान जरूरी है।
