एशियन गेम्स में भारत को दूसरा गोल्ड, सुरुचि और कमलजीत ने शूटिंग में जीता सोना
शूटिंग में भारत ने जीता स्वर्ण
एशियन गेम्स में भारत ने शूटिंग के जरिए अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीत लिया। सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के खाते में स्वर्ण पदक जोड़ा। इससे पहले भारत को महिला क्रिकेट टीम के जरिए इन खेलों में पहला गोल्ड मिला था। शूटिंग में भारतीय निशानेबाज लगातार पदक जीत रहे थे, लेकिन स्वर्ण पदक का इंतजार था। सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने इस इंतजार को खत्म करते हुए भारतीय अभियान में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी।
भारतीय जोड़ी ने फाइनल में सटीक निशाने लगाए और मुकाबले के दौरान अपनी बढ़त बनाए रखी। दूसरा गोल्ड जीतने के साथ भारत के पदकों की संख्या में भी इजाफा हुआ। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने शूटिंग में भारत की मजबूत मौजूदगी को एक बार फिर सामने रखा।
सुरुचि और कमलजीत ने बनाई बढ़त
सुरुचि और कमलजीत ने फाइनल में शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन किया। दोनों ने लगातार सटीक निशाने लगाते हुए अपनी स्थिति मजबूत रखी। मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ दक्षिण कोरिया की जोड़ी ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय निशानेबाजों ने दबाव के बीच अपनी लय बनाए रखी।
फाइनल में भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक हासिल कर तीसरा स्थान पाया। इस तरह भारत ने दक्षिण कोरिया से 6.6 अंकों की बढ़त के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ दूसरा गोल्ड भारत के लिए शूटिंग में खास उपलब्धि बन गया। भारतीय जोड़ी ने पूरे फाइनल में संयम बनाए रखा और आखिरी चरण तक अपनी बढ़त को कायम रखा।
भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन
एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज लगातार पदक जीत रहे हैं। सुरुचि और कमलजीत की जीत से शूटिंग में भारत के पदकों की संख्या भी बढ़ी है। भारतीय निशानेबाजों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में अपने प्रदर्शन से पदक तालिका में योगदान दिया है। सुरुचि और कमलजीत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि दोनों ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद मिक्स्ड टीम इवेंट में वापसी की। दोनों ने टीम के रूप में बेहतर तालमेल दिखाया और फाइनल में मजबूत प्रदर्शन किया। भारत की महिला और पुरुष टीमें भी अलग-अलग खेलों में पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। स्क्वॉश और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक की उम्मीद कायम रखी है। इन प्रदर्शनों के बीच शूटिंग में मिला स्वर्ण भारतीय अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।
कमलजीत और सुरुचि का सफर
कमलजीत हरियाणा के रेवाड़ी के सुलखा गांव के रहने वाले हैं। वह पहले एथलेटिक्स में हिस्सा लेते थे, लेकिन चोट के कारण उन्हें एथलेटिक्स छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने शूटिंग में अपना करियर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। कई वर्षों की मेहनत के बाद उन्होंने खुद को एक अच्छे शूटर के रूप में स्थापित किया।
सुरुचि इंदर सिंह हरियाणा के झज्जर की 20 साल की शूटर हैं। उन्होंने 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की थी। वह भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में कोच सुरेश सिंह से प्रशिक्षण लेती हैं। उनके परिवार की इच्छा थी कि वह पहलवान बनें, लेकिन उन्होंने शूटिंग को अपना रास्ता चुना। कई वर्षों की मेहनत और प्रशिक्षण के बाद दोनों ने एशियन गेम्स के मंच पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। दूसरा गोल्ड भारत की पदक यात्रा में उनकी जोड़ी के योगदान को खास बनाता है।
