पीएम मोदी बोले- समाज के लिए काम करें, वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं

पीएम मोदी सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करते हुए

सेवा यात्रियों से पीएम मोदी की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडनगर से वाराणसी जा रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने समाज के लिए काम करने और सामाजिक सुधार की दिशा में लगातार प्रयास करते रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि काम केवल वोटबैंक राजनीति के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक और रचनात्मक बदलाव के लिए होना चाहिए। पीएम मोदी ने महात्मा गांधी के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी जी ने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ने के साथ-साथ सामाजिक सुधार के लिए भी काम किया। उन्होंने समाज में मौजूद बुराइयों के खिलाफ लगातार प्रयास किया और सामाजिक बदलाव को अपने सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

गांधी जी के सामाजिक सुधार का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि महात्मा गांधी के जीवन को देखने पर उनके संघर्ष का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सुधार से जुड़ा दिखाई देता है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ समाज में मौजूद बुराइयों के खिलाफ भी काम किया। पीएम मोदी ने कहा कि समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए काम करते रहना चाहिए। उनके मुताबिक सेवा की भावना को केवल किसी एक अवसर या अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहिए। समाज के लिए लगातार काम करने से लोगों के जीवन में बदलाव लाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने युवाओं से भी सेवा के अलग-अलग माध्यमों से जुड़ने की बात कही। वोटबैंक राजनीति से अलग सामाजिक सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को केंद्र में रखकर काम करने की बात उनके संवाद का प्रमुख हिस्सा रही।

वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा

सेवा यात्रियों का एक समूह वडनगर से वाराणसी की यात्रा कर रहा है। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान इस यात्रा से जुड़े लोगों के अनुभव भी सुने। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में देश के शहरों और गांवों के बीच मौजूद अंतर को कम करने की दिशा में काफी काम हुआ है। उन्होंने गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने और महिलाओं तथा बेटियों में आत्मनिर्भरता बढ़ने की बात भी कही। बातचीत के दौरान सेवा यात्रा से जुड़े अनुभवों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के बीच संपर्क और सेवा के अवसर मिलते हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक उन्हें सेवा यात्राओं के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों और लोगों से मिलने का अवसर मिला है। इन यात्राओं से मिले अनुभवों को उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन से भी जोड़ा।

सेवा यात्राओं से जुड़े अनुभव साझा किए

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें वडनगर से निकलने के बाद सेवा यात्रियों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि काशी से जुड़े उनके अनुभवों में सेवा की भावना का भी महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि देश के कई जिलों में जाने और वहां रुकने के अवसर मिले हैं। यात्राओं के दौरान मिले अनुभव आज भी उनका मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने सेवा यात्राओं को अपने जीवन के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल बताया।

उन्होंने युवाओं से भी सेवा के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान जारी रखने की बात कही। सामाजिक सुधार के लिए लगातार काम करना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना उनके संदेश का प्रमुख हिस्सा रहा। वोटबैंक राजनीति के बजाय समाज के लिए काम करने पर जोर देते हुए उन्होंने सेवा भावना को आगे बढ़ाने की बात कही।

सेवा यात्रा और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का संदर्भ

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय लगातार यात्रा करते रहे और उनका संदेश निरंतर आगे बढ़ते रहने से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि सेवा यात्री के रूप में लगातार चलते रहना एक लक्ष्य होना चाहिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से भी इस तरह की प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से सेवा यात्राओं से जुड़कर सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने 24 सितंबर को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सेवा यात्रा में शामिल बाइकर्स से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने यात्रा से जुड़े लोगों के अनुभव सुने और समाज के लिए काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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