भोपाल दूषित पानी: पार्षद के घर पहुंचा गंदा पानी
पार्षद के घर कई दिनों से आ रहा था गंदा पानी
भोपाल में साफ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नगर निगम के दावों के बीच व्यवस्था की पोल तब खुली, जब वार्ड-35 की कांग्रेस पार्षद शिरीन खान के घर ही नल से दूषित पानी पहुंचने लगा। पार्षद के मुताबिक उनके घर में पिछले कई दिनों से नलों से गंदा पानी आने की समस्या बनी हुई थी। उन्होंने इस संबंध में शिकायत भी की, लेकिन समस्या का तत्काल समाधान नहीं हुआ। जब शिकायत के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो शिरीन खान ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी परेशानी सार्वजनिक कर दी। वीडियो सामने आने के बाद निगम का जलकार्य अमला सक्रिय हुआ और पाइपलाइन की जांच कर संधारण कराया गया। इसके बाद निगम ने साफ पानी मिलने का दावा किया है। शिरीन खान का घर वार्ड-22 में है, जबकि वह वार्ड-35 की पार्षद हैं।
पहले सुपरवाइजर और एई से की थी शिकायत
शिरीन खान ने वीडियो में बताया कि उन्होंने निगम अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी थी। सबसे पहले उन्होंने वार्ड सुपरवाइजर से शिकायत की। वहां से समाधान नहीं होने पर उन्होंने सहायक यंत्री यानी एई को भी जानकारी दी। वहां से बॉल्व में दिक्कत होने की बात पता चली, लेकिन इसके बावजूद पानी की सप्लाई साफ नहीं हुई। इसके बाद कई दिनों तक समस्या बनी रही और आखिरकार गंदे पानी का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पड़ा। पार्षद ने निगम प्रशासन से सवाल किया कि जब एक निर्वाचित पार्षद को अपनी ही पानी की समस्या दूर कराने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो डालना पड़े, तो आम उपभोक्ता की शिकायत कौन सुनेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और जिम्मेदार अमले ने समय पर समस्या का पता क्यों नहीं लगाया।
वीडियो के बाद निगम ने कराई पाइपलाइन की जांच
सोशल मीडिया पर मामला आने के बाद निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने जलकार्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ट शर्मा और अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग समेत संबंधित अमले ने क्षेत्र की पाइपलाइनों का निरीक्षण किया। पार्षद ने निगम आयुक्त से यह जांच कराने की मांग भी की है कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और जिम्मेदार कर्मचारियों ने समस्या को समय रहते क्यों नहीं पहचाना। नगर निगम की ओर से पाइपलाइन का निरीक्षण और संधारण कराए जाने के बाद साफ पानी उपलब्ध होने का दावा किया गया है। हालांकि, पार्षद ने यह मामला इसलिए उठाया कि आम नागरिकों को भी ऐसी स्थिति में समय पर समाधान मिलना चाहिए।
