दो भाइयों का बिजनेस मॉडल, बिना बाहरी फंडिंग खड़ी की ₹7.2 करोड़ की कंपनी

₹7.2 करोड़ की कंपनी बनाने वाले दो भाई

दो भाइयों ने शुरू किया नया मॉडल

यह कहानी दो चचेरे भाइयों अनुराग भाटिया और आयुष भाटिया की है। दोनों गुरुग्राम में रहते हैं और उन्होंने बिना किसी बाहरी फंडिंग के डिलीवरी मॉडल के जरिए सफल ब्रांड खड़ा किया। उनका ब्रांड Mughal Affair, Hospitality Private Limited के तहत संचालित होता है। कंपनी ने करीब ₹7.2 करोड़ की कंपनी बनने तक का सफर तय किया है।

स्वाद और ग्राहक की पसंद पर रिसर्च

साल 2018 के अंत में दोनों संस्थापकों ने देखा कि दिल्ली-NCR के लोग उत्तर भारतीय और मुगलई खाने के शौकीन हैं, लेकिन डिलीवरी के जरिए रेस्टोरेंट जैसा स्वाद और गुणवत्ता मिलना आसान नहीं था। इसी अंतर को दूर करने के लिए दोनों ने करीब पांच महीने तक रिसर्च की। उन्होंने खाने की पैकिंग, स्वाद और तापमान को लेकर परीक्षण किया। अप्रैल 2019 में DLF Cyber City, गुरुग्राम से पहला किचन शुरू किया गया।

दोनों भाइयों की अलग-अलग जिम्मेदारी

अनुराग के पास मार्केटिंग, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स का अनुभव था, जबकि आयुष को दिल्ली के कैफे कल्चर और F&B स्पेस में करीब एक दशक का अनुभव था। दोनों के अलग-अलग अनुभवों ने बिजनेस मॉडल को मजबूत किया। बिना बाहरी फंडिंग के ₹7.2 करोड़ की कंपनी तक पहुंचने के पीछे लगातार रिसर्च, सही पैकेजिंग, स्वाद और डिलीवरी मॉडल को मुख्य कारण बताया गया।

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