अंबानी-अडानी को अखाड़े में आने दो, एल्युमिनियम सेक्टर पर अनिल अग्रवाल ने कही बड़ी बात
एल्युमिनियम सेक्टर में नई कंपनियों का स्वागत
नई दिल्ली। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एल्युमिनियम सेक्टर में अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज की संभावित एंट्री का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ज्यादा कंपनियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इससे कंपनियों को अपनी दक्षता बढ़ाने तथा लागत कम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह एल्युमिनियम सेक्टर में नए खिलाड़ियों का स्वागत करते हैं। उनके मुताबिक प्रतिस्पर्धा कंपनियों को अधिक कुशल बनाती है।
प्रतिस्पर्धा से कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव
अनिल अग्रवाल ने कहा कि ज्यादा कंपनियों के आने से लंबे समय में सेक्टर में विलय और अधिग्रहण की संभावनाएं भी बन सकती हैं। उनका कहना है कि आखिरकार वही कंपनियां टिकेंगी जो उत्पादन और लागत के मामले में ज्यादा कुशल होंगी। इस तरह नए खिलाड़ियों की एंट्री से मौजूदा कंपनियों पर भी अपनी क्षमता और कामकाज को बेहतर करने का दबाव बढ़ेगा।
भारत के प्राथमिक एल्युमिनियम उत्पादन में फिलहाल वेदांता, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज और सरकारी कंपनी नाल्को प्रमुख खिलाड़ी हैं। वेदांता और हिंदाल्को मिलकर देश की करीब 80 फीसदी एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता रखते हैं। वहीं, नए खिलाड़ियों की एंट्री के बावजूद वेदांता अपनी एल्युमिनियम क्षमता बढ़ाने की योजना पर आगे बढ़ रही है।
तीन साल में 60 लाख टन क्षमता का लक्ष्य
अनिल अग्रवाल के मुताबिक कंपनी अगले तीन साल में एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता को करीब 60 लाख टन तक ले जाना चाहती है। लंबी अवधि में यह क्षमता 1 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आखिरकार वही कंपनियां टिकेंगी जो उत्पादन और लागत के मामले में ज्यादा कुशल होंगी।
वेदांता चेयरमैन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश के एल्युमिनियम उद्योग में बड़े कारोबारी समूहों की संभावित दिलचस्पी की चर्चा है। उनका कहना है कि ज्यादा कंपनियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इससे कंपनियों को अपनी दक्षता बढ़ाने और लागत कम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में सेक्टर में विलय और अधिग्रहण के अवसर भी बन सकते हैं।
