NPS Account via UPI: अब यूपीआई से खुलेगा एनपीएस खाता, नहीं लगाने होंगे बैंकों के चक्कर
बैंकों की कतारों से मुक्ति, पेमेंट ऐप्स से खुलेगा पेंशन अकाउंट
देश के प्रत्येक नागरिक को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा और नियमित मासिक पेंशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एक क्रांतिकारी डिजिटल पहल का खाका तैयार किया है। पीएफआरडीए के चेयरमैन एस. रमन ने बुधवार को घोषणा की कि नियामक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को सीधे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) नेटवर्क से जोड़ने की अंतिम तैयारी में है।
मुंबई में आयोजित ‘एडवांसिंग डिजिटल पेंशन इंक्लूजन’ राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए रमन ने बताया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद आम नागरिकों को एनपीएस खाता खुलवाने के लिए किसी भी बैंक शाखा या डाकघर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक अपने मोबाइल में पहले से मौजूद यूपीआई आधारित पेमेंट ऐप्स (जैसे गूगल पे, फोनपे, पेटीएम या बैंक ऐप्स) के जरिए चंद मिनटों में पेपरलेस तरीके से अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जनरेट कर सकेंगे। इस ऐतिहासिक सुधार के साथ यूपीआई से एनपीएस खाता खोलना वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
2040 तक पेंशन कोष को 100 लाख करोड़ पहुंचाने का महा-लक्ष्य
पीएफआरडीए चेयरमैन ने देश के जनसांख्यिकीय बदलावों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में जीवन प्रत्याशा तेजी से बढ़ रही है, इसलिए यह अनिवार्य हो गया है कि कामकाजी उम्र में ही प्रत्येक व्यक्ति अपनी सेवानिवृत्ति के लिए पर्याप्त फंड जोड़ना शुरू करे। नियामक ने वर्ष 2040 तक देश के कुल संचयी पेंशन फंड को बढ़ाकर लगभग 100 लाख करोड़ रुपये के विशाल स्तर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के करोड़ों असंगठित कामगारों, गिग वर्कर्स और युवाओं को पेंशन के दायरे में लाना जरूरी है, जो केवल मोबाइल आधारित सरल यूपीआई ऑनबोर्डिंग से ही संभव है। एस. रमन ने कहा कि यह कदम औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से दूर रहने वाले ग्रामीण और अर्ध-शहरी युवाओं को भी सीधे अपनी जेब से 100-200 रुपये की नियमित बचत एनपीएस में डालने की आजादी देगा। इस प्रकार यूपीआई से एनपीएस खाता खोलने की तकनीक देश के सामाजिक सुरक्षा कवच को अभूतपूर्व विस्तार देगी।
100% इक्विटी विकल्प और अनलिस्टेड कंपनियों में निवेश की छूट
पेंशन फंड्स पर मिलने वाले दीर्घकालिक रिटर्न को अधिकतम करने के लिए पीएफआरडीए ने निवेश नियमों में भी बड़े संरचनात्मक सुधारों का प्रस्ताव रखा है। चेयरमैन ने बताया कि जो युवा निवेशक जोखिम उठाने में सक्षम हैं और शेयर बाजार की बेहतर समझ रखते हैं, उन्हें अपने एनपीएस योगदान का 100 फीसदी हिस्सा इक्विटी (शेयर बाजार) में निवेश करने का पूर्ण विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है, जो वर्तमान में 75 प्रतिशत पर सीमित है।
इसके साथ ही पेंशन फंड मैनेजर्स को ज्यादा रिटर्न कमाने की छूट देने के लिए रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) के अलावा अब उच्च-विकास वाली अनलिस्टेड (गैर-सूचीबद्ध) कंपनियों के शेयरों, बड़े प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग और नए-पुराने बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) प्रोजेक्ट्स में भी पेंशन का पैसा लगाने की अनुमति दी जाएगी। इससे पेंशनभोगियों को महंगाई को मात देने वाला शानदार रिटायरमेंट कोष प्राप्त हो सकेगा। इस प्रकार तकनीकी सरलता और उच्च रिटर्न के इस दोहरे तालमेल से यूपीआई से एनपीएस खाता आने वाले वर्षों में देश का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर बनकर उभरेगा।
