चेन्नई ओपन: 14 साल बाद WTA क्वार्टरफाइनल में भारतीय महिला, 17 साल की माया का कमाल
सानिया मिर्जा के 14 साल पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी
भारतीय महिला टेनिस के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए 17 वर्षीय युवा खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने ‘चेन्नई ओपन 2026’ के क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इसके साथ ही वे पिछले 14 वर्षों में किसी भी डब्ल्यूटीए (WTA) टूर-लेवल एकल प्रतियोगिता के अंतिम आठ में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं।
इससे पहले वर्ष 2012 में भारत की महान टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने थाईलैंड के पटाया ओपन में यह उपलब्धि हासिल की थी। सानिया के बाद से कोई भी भारतीय महिला खिलाड़ी डब्ल्यूटीए स्तर पर एकल के क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय नहीं कर सकी थी। चेन्नई के घरेलू कोर्ट पर माया राजेश्वरन डब्ल्यूटीए क्वार्टरफाइनल में पहुंचकर न केवल भारतीय प्रशंसकों को झूमने का मौका दे रही हैं, बल्कि देश में महिला टेनिस के पुनरुत्थान का बिगुल भी फूंक चुकी हैं।
वर्ल्ड नंबर-277 खिलाड़ी को सीधे सेटों में चटाई धूल
बुधवार को खेले गए राउंड ऑफ-16 के बेहद कड़े और तनावपूर्ण मुकाबले में विश्व रैंकिंग में 669वें पायदान पर मौजूद माया राजेश्वरन का सामना पोलैंड की मजबूत क्वालीफायर वेरोनिका फाल्कोवस्का (विश्व रैंकिंग 277) से हुआ। अपने से करीब 400 स्थान ऊंची रैंक वाली खिलाड़ी के खिलाफ माया ने शुरुआत से ही आक्रामक और निडर टेनिस का प्रदर्शन किया।
मैच की शुरुआत में माया थोड़ी असहज दिखीं और डबल फॉल्ट के कारण अपनी पहली सर्विस गंवा बैठीं, जिससे पोलिश खिलाड़ी ने 4-2 की बढ़त बना ली थी। लेकिन इसके बाद माया ने बेसलाइन से जोरदार फोरहैंड विनर लगाए और लगातार तीन गेम जीतकर 5-4 की बढ़त हासिल की। दसवें गेम में फाल्कोवस्का की गलतियों का फायदा उठाते हुए माया ने दूसरा सेट पॉइंट भुनाया और पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। इस संयम ने माया राजेश्वरन डब्ल्यूटीए क्वार्टरफाइनल की राह को बेहद मजबूत कर दिया।
तीसरे मैच पॉइंट पर हासिल की ऐतिहासिक जीत
दूसरे सेट में पोलिश खिलाड़ी ने अपनी ताकतवर सर्विस के दम पर वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन माया ने अपने शांत स्वभाव और सटीक रिटर्न से मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। आठवें गेम में फाल्कोवस्का की सर्विस ब्रेक कर माया ने 5-3 की निर्णायक बढ़त हासिल की। अंतिम गेम में सर्विस करते हुए माया को जीत दर्ज करने के लिए तीन मैच पॉइंट का इंतजार करना पड़ा। तीसरे मैच पॉइंट पर फाल्कोवस्का का बैकहैंड शॉट नेट में उलझते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शक खुशी से झूम उठे और माया ने यह सेट 6-3 से जीतकर इतिहास रच दिया।
विगत दो वर्षों में कोई भी भारतीय खिलाड़ी चेन्नई ओपन के दूसरे दौर की बाधा पार नहीं कर सका था, लेकिन 17 साल की इस किशोरी ने यह गतिरोध तोड़ दिया। अब क्वार्टरफाइनल में माया का मुकाबला शीर्ष वरीय खिलाड़ियों में से एक से होगा। इस ऐतिहासिक जीत के साथ माया राजेश्वरन डब्ल्यूटीए क्वार्टरफाइनल देश के टेनिस गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चित विषय बन चुका है।
