LAC पर चीन ने सैनिक घटाए, भारतीय सेना की रिपोर्ट में 2025 की सीमा स्थिति का जिक्र
भारतीय सेना ने 2025-26 की अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने LAC पर सैनिकों की संख्या घटाई है। LAC और चीन के मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर में अब करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की सैन्य टुकड़ियां तैनात हैं। एक ब्रिगेड में करीब 3 हजार सैनिक होते हैं।
LAC पर सैन्य तैनाती
कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में पैदल गश्त करने वाली सेना, टैंक, तोपखाना और एयर डिफेंस जैसी अलग-अलग सैन्य क्षमताएं शामिल होती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि LAC के सभी सेक्टरों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत है और वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। LAC पर चीन की स्थिति में बदलाव के बावजूद भारतीय सेना ने अपनी तैनाती मजबूत रखी है। रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के हालात में भी सुधार बताया गया है। यहां 2025 में पत्थरबाजी की एक भी घटना नहीं हुई। हालांकि, LoC पर सीजफायर उल्लंघन बढ़े। 2024 की तुलना में 2025 में सीजफायर के मामले 2 से बढ़कर 163 हो गए। वहीं 12 पाकिस्तानी आतंकी ढेर हुए।
भारत-चीन सैन्य बातचीत फिर शुरू
रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में भारत और चीन के बीच सैन्य बातचीत फिर शुरू हुई। मार्च और जुलाई में 33वीं और 34वीं बैठक हुई। सीमा विवाद को सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत भी दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में हुई। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन गए और तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक भी हुई। सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग भी चलती रहीं। सेना ने बताया कि इन बैठकों में माहौल शांतिपूर्ण रहा और आपसी विवादों को बातचीत के जरिये सुलझाने की कोशिश की गई।
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति सेना के लगातार प्रयासों से नियंत्रण में रही। हिंसा का स्तर और विरोध-प्रदर्शन कम हुए। सेना ने बताया कि 2025 में सिर्फ एक स्थानीय युवक आतंकी संगठनों में शामिल हुआ। इससे पाकिस्तान के उस दावे को झटका लगता है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद स्थानीय स्तर पर पैदा हो रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जम्मू-कश्मीर के लोग सरकार और सेना की विकास योजनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। LAC पर चीन की सैन्य तैनाती में कमी के बावजूद भारतीय सेना ने सभी सेक्टरों में अपनी स्थिति मजबूत रखी है।

