नॉर्थ कोरिया ने हाइपरसोनिक मिसाइलों का टेस्ट किया, किम जोंग बोले- दुश्मनों को ‘लाइलाज सिरदर्द’ मिलेगा

नॉर्थ कोरिया के हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण के दौरान किम जोंग उन

नॉर्थ कोरिया ने रविवार को एक नए हथियार सिस्टम का परीक्षण किया। सरकारी एजेंसी की ओर से जारी तस्वीरों के मुताबिक, इस परीक्षण में हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण किया गया। नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन अपनी बेटी के साथ इस परीक्षण को देखने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इस हथियार का विकास देश की युद्ध तैयारियों को मजबूत करेगा और दुश्मनों के लिए ‘लाइलाज सिरदर्द’ पैदा करेगा। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, नॉर्थ कोरिया ने पूर्वी तट के वॉनसान इलाके से करीब तीन घंटे के अंतराल पर दो मिसाइलें दागीं। दोनों मिसाइलें समुद्र की ओर गईं। दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक एक मिसाइल करीब 750 किलोमीटर और दूसरी लगभग 600 किलोमीटर तक गई।

किम जोंग उन बेटी के साथ पहुंचे

नॉर्थ कोरिया की ओर से जारी तस्वीरों में किम जोंग उन को अपनी बेटी के साथ मिसाइल परीक्षण देखते हुए दिखाया गया। सरकारी एजेंसी ने परीक्षण की तस्वीरें जारी कीं। किम जोंग उन ने कहा कि इस हथियार का विकास देश की युद्ध तैयारियों को मजबूत करने में मदद करेगा। उन्होंने इसे दुश्मनों के लिए ‘लाइलाज सिरदर्द’ पैदा करने वाला हथियार बताया। परीक्षण के दौरान हाइपरसोनिक मिसाइलों की तस्वीरें भी जारी की गईं। इनमें मिसाइलों को तेज गति से उड़ते हुए दिखाया गया। कुछ तस्वीरों में मिसाइलों के आगे आग जैसी आकृति और पंखनुमा हिस्से दिखाई दिए।

दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, दोनों मिसाइलें नॉर्थ कोरिया के पूर्वी तट के वॉनसान क्षेत्र से दागी गईं। इन मिसाइलों के बीच करीब तीन घंटे का अंतर बताया गया है। दक्षिण कोरियाई सेना ने एक मिसाइल की दूरी करीब 750 किलोमीटर और दूसरी की करीब 600 किलोमीटर बताई। दोनों मिसाइलों के समुद्र की ओर जाने की जानकारी दी गई। जापान की सेना ने कहा कि दोनों मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी EEZ से बाहर समुद्र में गिरीं।

हाइपरसोनिक हथियारों की तस्वीरें जारी

नॉर्थ कोरिया की सरकारी एजेंसी ने मिसाइल परीक्षण की तस्वीरें भी जारी कीं। इनमें कुछ तस्वीरों में मिसाइलों को लॉन्च होने के बाद हवा में उड़ते हुए देखा जा सकता है। तस्वीरों में मिसाइलों के आगे आग जैसी आकृति दिखाई दी। इसके अलावा मिसाइल के कुछ हिस्सों में पंखनुमा संरचना भी नजर आई। एक तस्वीर में किम जोंग उन को निगरानी स्क्रीन देखते हुए दिखाया गया। स्क्रीन पर हाइपरसोनिक मिसाइल से जुड़ा नाम भी लिखा था। नॉर्थ कोरिया इससे पहले भी इस मिसाइल को हाइपरसोनिक हथियार के तौर पर पेश कर चुका है। हालांकि, परीक्षण में इस्तेमाल किए गए नए हथियार सिस्टम का पूरा नाम नहीं बताया गया।

मिसाइल की गति को लेकर अलग-अलग दावे

हाइपरसोनिक मिसाइलों की खासियत उनकी बहुत तेज गति और उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता से जुड़ी होती है। नॉर्थ कोरिया की ओर से मिसाइल की गति को लेकर भी दावा किया गया है। नॉर्थ कोरिया की ओर से मिसाइल की गति 2,146 मीटर प्रति सेकंड और उड़ान की दूरी 950.2 किलोमीटर बताई गई। हालांकि, दक्षिण कोरिया की ओर से सामने आए आंकड़े इससे अलग थे। दक्षिण कोरियाई सेना ने एक मिसाइल की दूरी करीब 750 किलोमीटर और दूसरी की करीब 600 किलोमीटर बताई। यही वजह है कि मिसाइल परीक्षण के आंकड़ों को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर दिखाई देता है। नॉर्थ कोरिया ने परीक्षण को अपने नए हथियार सिस्टम की क्षमता के प्रदर्शन के तौर पर पेश किया, जबकि दक्षिण कोरिया की सेना ने अपनी निगरानी के आधार पर अलग आंकड़े साझा किए।

हाइपरसोनिक हथियारों को लेकर विशेषज्ञों के सवाल

नॉर्थ कोरिया के हाइपरसोनिक हथियारों के दावों को लेकर विशेषज्ञों की ओर से सवाल भी उठाए जाते रहे हैं। खासकर मिसाइल की बताई गई गति और उड़ान की दूरी को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आने के कारण परीक्षण की वास्तविक क्षमता को लेकर चर्चा बनी रहती है। इस परीक्षण में भी नॉर्थ कोरिया की ओर से बताए गए आंकड़े और दक्षिण कोरिया की सेना द्वारा बताए गए आंकड़े अलग हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि नॉर्थ कोरिया ने नए हथियार सिस्टम का परीक्षण किया और इसमें हाइपरसोनिक मिसाइलों को शामिल किया गया। किम जोंग उन ने परीक्षण के दौरान इसे देश की युद्ध तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

दुश्मनों के लिए ‘लाइलाज सिरदर्द’ वाला बयान

किम जोंग उन ने परीक्षण के बाद कहा कि इस हथियार का विकास देश की युद्ध तैयारियों को मजबूत करेगा। उन्होंने इसके जरिए दुश्मनों के लिए ‘लाइलाज सिरदर्द’ पैदा होने की बात कही। नॉर्थ कोरिया की ओर से परीक्षण को अपनी सैन्य क्षमता और नए हथियार सिस्टम के प्रदर्शन के तौर पर पेश किया गया है। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया और जापान की सेनाओं ने मिसाइलों की उड़ान और गिरने की जगह से जुड़े अपने आंकड़े जारी किए। इस तरह यह परीक्षण नॉर्थ कोरिया के नए हथियार विकास कार्यक्रम और उसके हाइपरसोनिक हथियारों से जुड़े दावों के बीच हुआ है।

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