PM मोदी की क्लास में कैबिनेट मिनिस्टर्स, चिंतन शिविर में होगा कामकाज का रिव्यू

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू हुआ है। यह शिविर 24 सितंबर तक चलेगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट मंत्रियों के साथ सरकार के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। शिविर के पहले दिन हर मंत्री अपने-अपने मंत्रालय के काम का प्रेजेंटेशन देगा। इसके बाद दूसरे दिन इन प्रस्तुतियों और मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।

हर मंत्री देगा अपने मंत्रालय के काम का प्रेजेंटेशन

शिविर के पहले दिन सभी मंत्री अपने मंत्रालय से जुड़े कामकाज का प्रेजेंटेशन देंगे। इसमें मंत्रालय की ओर से किए गए काम, योजनाओं की प्रगति और आगे की दिशा से जुड़े विषय सामने रखे जाएंगे। इसके बाद दूसरे दिन इन प्रस्तुतियों का रिव्यू किया जाएगा। रिव्यू के दौरान मंत्रियों के कामकाज को अलग-अलग ग्रेड में रखा जाएगा। इनमें एक्सीलेंट, गुड, एवरेज और पुअर जैसी श्रेणियां शामिल होंगी। इस प्रक्रिया के जरिए मंत्रियों के कामकाज और मंत्रालयों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। तैयार होने वाला रिपोर्ट कार्ड आगे होने वाले कैबिनेट विस्तार के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यानी मंत्रियों के काम और उनकी जिम्मेदारियों को लेकर तैयार की गई समीक्षा आगे की व्यवस्था में आधार बन सकती है।

2 दिन के शिविर में कामकाज से लेकर भविष्य की रणनीति तक चर्चा

चिंतन शिविर का उद्देश्य केवल मौजूदा कामकाज की समीक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें सरकार की आगे की प्राथमिकताओं और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा होनी है। सरकार के कामकाज, योजनाओं की निगरानी, कार्यकुशलता, समय और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल तथा शासन व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2021 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ चिंतन शिविर आयोजित किया था। उस समय पहला सत्र 14 सितंबर को हुआ था और अंतिम सत्र नवंबर में आयोजित हुआ था। हर सत्र करीब पांच घंटे तक चला था। इन बैठकों में मंत्रियों के कामकाज, कार्यकुशलता, समय और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, योजनाओं की निगरानी तथा शासन सुधार पर चर्चा हुई थी।

विकसित भारत 2047 की तैयारी पर भी जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब चार साल पहले लाल किले से विकसित भारत 2047 की बात कही थी। 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने विकसित भारत 2047 का संकल्प सामने रखा था। इसके बाद अगले 25 वर्षों में भारत को पूरी तरह विकसित देश बनाने की दिशा में काम करने की बात कही गई। इस लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की 10 टीमें भी बनाई गई थीं। इन टीमों ने देश के विकास से जुड़े आंकड़ों और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करने का काम किया। बाद में सचिवों के 10 सेक्टरल ग्रुप बनाए गए और उन्हें विकसित भारत 2047 की विजन तैयार करने तथा लंबे समय की योजनाओं का रोडमैप बनाने की जिम्मेदारी दी गई।

अब तक विकसित भारत से जुड़े कई प्रेजेंटेशन

विकसित भारत 2047 की तैयारी के तहत कैबिनेट की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों पर कई प्रेजेंटेशन और चर्चाएं की जा चुकी हैं। अलग-अलग मंत्रालयों, सचिवों के समूहों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के काम को एक साथ जोड़कर आगे की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। मंत्रियों के कामकाज, योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक सुधार को लेकर भी चर्चा होती रही है। इसी क्रम में मौजूदा चिंतन शिविर को सरकार के कामकाज की समीक्षा और आगे की दिशा तय करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

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