एमपी के विद्यार्थियों को मिलेगा पौष्टिक भोजन, 106 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में आधुनिक मेस व्यवस्था शुरू

मध्य प्रदेश के छात्रावासों में आधुनिक मेस व्यवस्था

106 छात्रावासों में आधुनिक मेस व्यवस्था

मध्य प्रदेश के 106 जिला स्तरीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अब विद्यार्थियों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने इन छात्रावासों में आधुनिक मेस, किचन और डाइनिंग हॉल तैयार किए हैं। इन सुविधाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।

इस व्यवस्था से करीब 9 हजार विद्यार्थियों को सुविधा मिलने की बात कही गई है। छात्रावासों में आधुनिक मेस व्यवस्था शुरू होने से विद्यार्थियों को भोजन के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही गैस सिलेंडर की अलग व्यवस्था करने की जरूरत भी नहीं रहेगी। आधुनिक व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई जिलों के छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं से संवाद भी किया और उनसे भोजन व्यवस्था को लेकर पहले सामने आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली।

8.51 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई सुविधाएं

पौष्टिक भोजन की व्यवस्था के लिए तैयार किए गए आधुनिक मेस, किचन और डाइनिंग हॉल पर सरकार ने 8.51 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के कल्याण के लिए पिछले डेढ़ दशक में 13,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस अवधि में पांच करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने की बात कही गई।

छात्रावासों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता बताई गई। नई मेस व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों को भोजन के लिए छात्रावास से बाहर जाने या गैस सिलेंडर की अलग व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस व्यवस्था से दूर-दराज से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को भी सुविधा मिलेगी और परिवार पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होने की बात कही गई है।

छात्राओं से मुख्यमंत्री ने किया संवाद

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, सतना और अशोकनगर के छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं से संवाद किया। छात्राओं ने उन्हें बताया कि पहले भोजन की व्यवस्था में समय और अतिरिक्त खर्च दोनों होते थे। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद छात्रावास में ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देने में भी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी बताई गई है। पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि टर्नकी प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक किचन और डाइनिंग हॉल बनाए गए हैं। इससे दूर-दराज से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को भोजन की चिंता से राहत मिलने और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होने की बात कही गई।

छात्रावासों में पहली बार शुरू हुई मेस व्यवस्था

जिला स्तरीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में पहली बार मेस व्यवस्था शुरू की गई है। इसके जरिए विद्यार्थियों को छात्रावास में ही भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। पौष्टिक भोजन मिलने के साथ छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। नई मेस व्यवस्था के तहत आधुनिक किचन और डाइनिंग हॉल तैयार किए गए हैं। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भोजन की व्यवस्था के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत के साथ अतिरिक्त खर्च कम होने की बात कही गई है। सरकार की ओर से छात्रावासों में सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में इसे एक कदम बताया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *