NSE की लिस्टिंग से LIC, SBI, दमानी, प्रेमजी और मुंजाल को फायदा, जानिए किसके पास कितने शेयर

NSE लिस्टिंग के बाद LIC और बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी

NSE की आखिरकार शेयर बाजार में लिस्टिंग

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की आखिरकार शेयर बाजार में लिस्टिंग हो गई। लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर का कारोबार 1,878 रुपए तक चला गया था। इसका इश्यू प्राइस 1,785 रुपए था और शेयर 1,800 रुपए पर लिस्ट हुआ। कंपनी का आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल था। यानी इस प्रक्रिया से कंपनी को कोई पैसा नहीं मिला। इसके बावजूद कंपनी के पुराने शेयरहोल्डर्स के लिए लिस्टिंग महत्वपूर्ण रही, क्योंकि उनके पास मौजूद शेयरों की बाजार कीमत सामने आ गई। कंपनी के शेयरहोल्डर्स में कई बड़े संस्थान, बिजनेस परिवार और अमीर निवेशक शामिल हैं। इन निवेशकों के पास हजारों करोड़ रुपए की कीमत वाले शेयर हैं।

LIC सबसे बड़े शेयरहोल्डर्स में शामिल

NSE लिस्टिंग के बाद कंपनी में पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी की कीमत बाजार में दिखाई देने लगी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक NSE का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC है। LIC के पास बड़ी मात्रा में NSE के शेयर हैं। LIC के बाद अरंडा इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन का नंबर आता है। इन संस्थानों के पास मौजूद NSE के शेयरों की कीमत 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है।

ICICI ग्रुप से जुड़ी हिस्सेदारी भी NSE में मौजूद है। ICICI कैपिटल के पास NSE के करीब 19,650 करोड़ रुपए की कीमत के शेयर हैं। वहीं देश के सबसे बड़े बैंक SBI के पास करीब 14,634 करोड़ रुपए की कीमत के शेयर हैं। इन शेयरों का मूल्य गुरुवार के बंद भाव 1,818 रुपए के आधार पर बताया गया है। शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर में गिरावट भी दिखाई दी।

दमानी और मुंजाल की भी बड़ी हिस्सेदारी

NSE के पुराने शेयरहोल्डर्स में डी-मार्ट के मालिक राधाकिशन दमानी भी शामिल हैं। उनके पास NSE के करीब 7,164 करोड़ रुपए की कीमत के शेयर हैं। हीरो मोटोकॉर्प के सुनील कांत मुंजाल के पास भी NSE के शेयर हैं। उनकी हिस्सेदारी की कीमत करीब 1,870 करोड़ रुपए बताई गई है। विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी की एपॉर्च्युनिटीज के पास मौजूद NSE के शेयरों की कीमत करीब 10,667 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके अलावा इंफोसिस के को-फाउंडर एन. आर. नारायण मूर्ति की कैटामरन वेंचर्स के पास करीब 705 करोड़ रुपए की कीमत के शेयर हैं।

इंफोसिस के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव एस. गोपालकृष्णन, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के फाउंडर अतुल निशार, एवेन्यू सुपरमार्ट्स के पूर्व MD और इनजिनियस नेविल नोरोंहा, हल्दीराम फैक्स के मनोहर लाल अग्रवाल, शोभा के चेयरमैन मेनन और सैमको ग्रुप के चेयरमैन विपुल जयंतीलाल मोदी भी NSE के पुराने शेयरहोल्डर्स में शामिल हैं।

लिस्टिंग के बाद शेयरों की कीमत सामने आई

NSE लिस्टिंग से पहले इन शेयरहोल्डर्स के पास कंपनी में हिस्सेदारी थी, लेकिन शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद इन हिस्सेदारियों का बाजार मूल्य अधिक स्पष्ट रूप से सामने आया। कंपनी का आईपीओ ऑफर फॉर सेल था, इसलिए इससे NSE को सीधे कोई पैसा नहीं मिला। इसके बावजूद लिस्टिंग ने पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी को बाजार में ट्रेड होने वाली कीमत से जोड़ दिया। गुरुवार को कंपनी के शेयर का बंद भाव 1,818 रुपए था। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद लिस्टिंग के बाद कंपनी के बड़े शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी की कीमत बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है।

बड़े संस्थानों से लेकर कारोबारी परिवार तक हिस्सेदारी

NSE के शेयरहोल्डर्स की सूची में बड़े संस्थानों के साथ कारोबारी परिवार और प्रमुख निवेशक भी शामिल हैं। LIC और SBI जैसे बड़े संस्थानों से लेकर राधाकिशन दमानी, अजीम प्रेमजी और मुंजाल परिवार से जुड़े निवेशकों तक की हिस्सेदारी सामने आती है। कंपनी में मौजूद इन हिस्सेदारियों की कीमत शेयर के बाजार भाव के आधार पर बदलती रहती है। इसलिए लिस्टिंग के बाद शेयर में होने वाला उतार-चढ़ाव पुराने शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी के बाजार मूल्य पर भी असर डालता है।

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