MP में नो-UPI डे, QR स्कैनर पर काला कपड़ा; 2 हजार से ज्यादा दुकानदारों ने पेमेंट लेना बंद किया

MP में UPI चार्ज के विरोध में QR स्कैनर पर काला कपड़ा

मध्य प्रदेश में व्यापारियों ने UPI भुगतान पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज के विरोध में नो-UPI डे मनाया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में 2 हजार से ज्यादा व्यापारियों ने UPI भुगतान लेना बंद कर दिया। कई जगह व्यापारियों ने अपने QR स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधकर विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि नए चार्ज का अतिरिक्त बोझ व्यापारियों और आम लोगों दोनों पर पड़ सकता है।

भोपाल से इंदौर तक व्यापारियों का विरोध

भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेशभर में व्यापारियों ने UPI भुगतान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। भोपाल में व्यापारियों ने UPI स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा डालकर विरोध जताया। इंदौर में भी व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और UPI भुगतान नहीं लेने की बात कही। व्यापारियों ने “UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो” जैसे नारे लगाए। विरोध का मुख्य कारण 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए UPI चार्ज को बताया गया। व्यापारियों के मुताबिक लंबे समय से वे अलग-अलग तरह के टैक्स और शुल्क का भुगतान कर रहे हैं और ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन सकता है।

2 हजार से ज्यादा के भुगतान पर चार्ज का विरोध

व्यापारियों का विरोध 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए UPI चार्ज को लेकर है। नए नियम के तहत 2 हजार रुपये से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाए जाने की बात कही गई है। इसकी अधिकतम राशि 300 रुपये होगी। यही वजह है कि व्यापारियों ने नो-UPI डे के जरिए इस व्यवस्था के खिलाफ अपनी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि पहले से ही जीएसटी और इनकम टैक्स समेत कई तरह के टैक्स दिए जा रहे हैं। ऐसे में UPI भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लगाना व्यापारियों के हित में नहीं है।

भोपाल के बाजारों में भी असर

भोपाल के पुराने शहर के थोक किराना, दवा, सराफा, कपड़ा, लोहा समेत दूसरे बाजारों में व्यापारियों के विरोध का असर नजर आया। वहीं नए शहर के न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, कोलार रोड, होशंगाबाद रोड, बावड़ियाकलां, रायसेन रोड और अवधपुरी समेत अन्य इलाकों के बाजारों में भी व्यापारियों के विरोध का जिक्र किया गया।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता अजय देवनानी ने कहा कि UPI पर लगाया जा रहा शुल्क जायज नहीं है। उन्होंने इसे बंद करने की मांग की। सराफा कारोबारी नवीन अग्रवाल ने कहा कि यह सरकार की चाल है और इससे महंगाई 2 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। उनका कहना था कि आखिरकार UPI चार्ज का बोझ जनता पर ही आएगा।

व्यापारियों ने बताई अपनी परेशानी

व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से जीएसटी और इनकम टैक्स समेत कई तरह के टैक्स देते हैं। ऐसे में UPI भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लगाना व्यापारियों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह टैक्स और चार्ज बढ़ते रहे तो आगे चलकर उन्हें कारोबार बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। नो-UPI डे के दौरान व्यापारियों ने अपने QR कोड पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। ग्वालियर में भी UPI पेमेंट पर अतिरिक्त चार्ज लगाने के विरोध में व्यापारी प्रदर्शन करते रहे। शहर के व्यापारियों ने UPI भुगतान लेना और करना दोनों बंद करने की बात कही।

QR कोड पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

ग्वालियर के व्यापारियों ने अपने QR कोड पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। व्यापारियों ने कहा कि वे पहले से जीएसटी और इनकम टैक्स समेत कई तरह के टैक्स दे रहे हैं। इसके बावजूद UPI भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लगाना उनके हित में नहीं है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर टैक्स और चार्ज लगातार बढ़ते रहे तो आगे चलकर कारोबार बंद करने की स्थिति भी बन सकती है। उनका विरोध इसी प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क को लेकर है।

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