चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, 28-29 सितंबर को जिला निर्वाचन कार्यालय घेरेंगे नेता

चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन की तैयारी

मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया

मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर सियासत गर्म हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा की है। कांग्रेस का आरोप है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ियां की गई हैं। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी अब प्रदेशभर में आंदोलन करने की तैयारी में है।

जीतू पटवारी ने दो दिवसीय बड़े आंदोलन का कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत 28 सितंबर को भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसमें प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके बाद 29 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों का घेराव करेंगे। कांग्रेस प्रदर्शन का यह कार्यक्रम मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया जाएगा।

28 सितंबर को भोपाल में होगा बड़ा प्रदर्शन

कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक 28 सितंबर को भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के घेराव में प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके अगले दिन 29 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों का घेराव करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक इसका विरोध करेगी। इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस मतदाता सूची की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को उठाएगी।

पार्टी ने साफ किया है कि आंदोलन केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा। सभी जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जाएगा और जिला निर्वाचन कार्यालयों तक पहुंचकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। कांग्रेस प्रदर्शन के तहत प्रदेश और जिला स्तर के नेता तथा कार्यकर्ता दोनों स्तरों पर सक्रिय रहेंगे।

27 प्रतिशत OBC आरक्षण का मुद्दा भी उठाया

जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता के दौरान 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया। पटवारी ने कहा कि प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी इस अनिश्चितता के कारण परेशान हैं और नौकरियों में अपने हक से वंचित हो रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पिछड़ों को उनका हक देने के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे लागू करने के बजाय उलझाने का काम किया। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने कानूनी दांव-पेच में करीब 200 करोड़ रुपए केवल इसलिए खर्च कर दिए ताकि युवाओं को इस आरक्षण का लाभ नहीं मिल सके। मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप और OBC आरक्षण का मुद्दा दोनों ही कांग्रेस के आंदोलन का हिस्सा बने हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों के हित और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर वह अपना विरोध दर्ज कराएगी।

चुनाव आयोग पर लगाए निष्पक्षता के सवाल

कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ियां हुई हैं। इन्हीं आरोपों को लेकर पार्टी ने आंदोलन की घोषणा की है।

जीतू पटवारी ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक इसका कड़ा विरोध करेगी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल होंगे। 28 सितंबर को भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के घेराव के बाद 29 सितंबर को सभी जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों का घेराव प्रस्तावित है। कांग्रेस प्रदर्शन के जरिए पार्टी मतदाता सूची की प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े अपने सवालों को प्रदेशभर में उठाएगी।

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