भोपाल शाही कब्रिस्तान में मेट्रो रूट पर हंगामा, विधायक ने काम रोकने को कहा

भोपाल के शाही कब्रिस्तान में मेट्रो रूट को लेकर विवाद

शाही कब्रिस्तान में पहुंची मेट्रो टीम, विधायक ने रुकवाया काम

भोपाल में मेट्रो के ऑरेंज लाइन फेज-2 के अंडरग्राउंड रूट को लेकर सोमवार देर रात विवाद की स्थिति बन गई। मेट्रो टीम भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान पहुंची और वहां बैरिकेडिंग शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ अकील मौके पर पहुंचे। उन्होंने मेट्रो और पुलिस अधिकारियों से काम रोकने के लिए कहा। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि कब्रिस्तान की जमीन पर बिना अनुमति कोई काम नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने मेट्रो टीम से मशीनें और सामान हटाने के लिए भी कहा। विधायक का कहना है कि इस कब्रिस्तान में उनके पूर्वजों समेत कई लोगों की कब्रें हैं। ऐसे में शाही कब्रिस्तान मेट्रो रूट को लेकर उनकी आपत्ति है और उनका कहना है कि मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट यहां से नहीं निकाला जाना चाहिए। इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश राज्य वक्फ प्राधिकरण में भी सुनवाई चल रही है और दोनों पक्ष अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं।

ऑरेंज लाइन फेज-2 में 16.74 किलोमीटर का कॉरिडोर

भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन फेज-2 में सुभाष नगर से करोंद तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 16.74 किलोमीटर बताई गई है। इसमें 5.38 किलोमीटर के हिस्से में छह एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाने हैं। इसके अलावा 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इस अंडरग्राउंड रूट में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड पर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसी अंडरग्राउंड रूट के एक हिस्से को लेकर विधायक आरिफ अकील ने आपत्ति दर्ज कराई है।

विधायक पहले भी इस रूट को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। उनका कहना है कि कब्रिस्तान में उनके पूर्वजों समेत कई लोगों की कब्रें हैं, इसलिए इस रास्ते को यहां से नहीं निकाला जाना चाहिए। इस रूट को लेकर मध्य प्रदेश राज्य वक्फ प्राधिकरण में भी सुनवाई चल रही है। दोनों पक्षों की ओर से अपना-अपना पक्ष रखा जा रहा है।

जमीन और अनुमति को लेकर विधायक की आपत्ति

विधायक आरिफ अकील ने अधिकारियों से कहा कि वैधानिक अनुमति मिलने के बाद ही कब्रिस्तान की जमीन पर कोई काम किया जाए। उन्होंने मेट्रो टीम से मौके पर मौजूद मशीनें और सामान हटाने के लिए भी कहा। उनका कहना है कि बिना अनुमति के कब्रिस्तान की जमीन पर काम नहीं किया जाना चाहिए। शाही कब्रिस्तान मेट्रो रूट को लेकर उनकी आपत्ति इसी जमीन और वहां मौजूद कब्रों से जुड़ी है।

दूसरी ओर, श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने विधायक आरिफ अकील पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधायक को केवल मुस्लिमों का प्रतिनिधि बनने का प्रयास नहीं करना चाहिए और विकास कार्यों को आगे बढ़ने देना चाहिए। तिवारी ने कहा कि संपदा रघुनाथ की है और वक्फ की जमीन बताकर विकास कार्य में बाधा डालने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। मामले में सुनवाई जारी है और दोनों पक्ष अपना पक्ष रख रहे हैं।

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