होर्मुज के पास जहाज पर हमला, 11 भारतीय जख्मीः भारत ने तुरंत हमले रोकने को कहा
होर्मुज के पास व्यापारिक जहाज पर हमला
भारत ने मंगलवार को ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले की निंदा की। इस हमले में 12 क्रू मेंबर घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक जहाज एमटी ऑल पीस ओमान के तट से गुजर रहा था। इसी दौरान उस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ।
हमले के बाद जहाज पर सवार लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को निकाला गया और उन्हें ओमान के खासाब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें 17 भारतीय नागरिक थे। FINE DRISHTI_7 OCT 26
घायलों को ओमान में कराया गया भर्ती
हमले के बाद ओमानी अधिकारियों की मदद से घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें ओमान के खासाब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे और इनमें 17 भारतीय नागरिक शामिल थे। भारत ने घटना के बाद क्षेत्र में जहाजों पर जारी हमलों को लेकर चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने शांति और स्थिरता के लिए ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है। भारत की ओर से यह भी कहा गया कि समुद्री क्षेत्र में लगातार हो रही हिंसा और जान के नुकसान को रोका जाना चाहिए। होर्मुज और आसपास के समुद्री रास्ते से बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। इस वजह से वहां की सुरक्षा स्थिति का असर भारतीय नाविकों और समुद्री व्यापार पर भी पड़ता है।
पहले भी प्रभावित हुए भारतीय नाविक
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, फरवरी से अब तक होर्मुज में हुए हमलों में 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हो चुके हैं। इनमें 11 भारतीय नाविकों की जान भी गई है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में छह भारत-झंडे वाले कमर्शियल जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा छह विदेशी झंडे वाले जहाज भी भारत के लिए सामान लेकर चल रहे हैं। इन 12 जहाजों पर करीब 1,025 भारतीय नाविक सवार हैं। भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। भारतीय दूतावासों और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है।
भारत ने हमले तुरंत रोकने की मांग की
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और काला सागर में जहाजों और नाविकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। जयशंकर ने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि ऐसी हिंसा और जान के नुकसान को रोका जाना चाहिए। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में बढ़ते खतरों के प्रति गंभीर चिंता जताई थी। ताजा हमले के बाद भारत ने एक बार फिर क्षेत्र में जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है।
