चुनाव आयोग नहीं पहुंच सका विपक्षी सांसदों का मार्च, राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं
विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को चुनाव आयोग तक विपक्षी सांसदों के मार्च को लेकर आरोप लगाए। राहुल गांधी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया गया है। उन्होंने इन आरोपों को देश के सामने उठाते हुए कहा कि मामले में कोई भी बच नहीं पाएगा और सभी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और पार्टी के कई अन्य नेता चुनाव आयोग तक जाने के लिए आकांक्षा भवन परिसर में पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। राहुल गांधी ने कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
पुलिस ने सांसदों को रास्ते में रोका
राहुल गांधी ने कहा कि वे देश के जनप्रतिनिधि हैं और देश की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि करीब 300 सांसदों को वहां क्यों रोका गया। इसके बाद विपक्षी सांसदों को वहां बैठा दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग उनसे केवल 50 गज की दूरी पर है, लेकिन उन्हें वहां जाने नहीं दिया जा रहा।
आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार डर रहे हैं। हालांकि यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। विपक्षी सांसदों की मांग चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करने की थी। प्रदर्शन के बीच पुलिस ने आकांक्षा भवन के आसपास सुरक्षा बढ़ाई। वहां ड्रोन तैनात किया गया। कुछ कांग्रेस और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया और उन्हें बस में बैठाकर परिसर से बाहर ले जाया गया।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मिलकर “वोट चोरी” की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को जनता के सामने लेकर जा रहा है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कुछ समय पहले उनके साथ 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद आए थे और वे मुख्य चुनाव आयुक्त तथा उनके दो सहयोगियों से मिलना चाहते थे। उनके मुताबिक पुलिस ने उन्हें रोक दिया। राहुल गांधी ने कहा कि सांसद देश के प्रतिनिधि हैं और उन्हें चुनाव आयोग से मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति को लेकर भी तनाव दिखाई दिया। पुलिस ने इलाके में निगरानी के लिए ड्रोन लगाया और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
चुनाव आयोग से मिलने की मांग
विपक्षी सांसदों का कहना था कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके सहयोगियों से मुलाकात करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष के सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय के पास पहुंच गए थे तो उन्हें आगे क्यों नहीं जाने दिया गया। राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि वे विपक्षी सांसदों से मिलने से डर रहे हैं। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि डरने का दावा राहुल गांधी का आरोप है, जबकि समाचार में पुलिस द्वारा सांसदों को रोके जाने और प्रदर्शनकारियों की हिरासत की जानकारी दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग, विपक्ष और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े राजनीतिक विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।
