शहरों से दूरी अब शिक्षा में बाधा नहीं: यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांवों के डिजिटल सुधार पर कहा
गांवों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में डिजिटल शिक्षा के अवसरों के तेजी से विस्तार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले राज्य और जिला स्तरीय स्थानों से आगे अब भाजपा सरकार के तहत 57,500 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल पुस्तकालयों की संख्या बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार, 5 अक्टूबर को बहराइच जिले के खासाहां मोहम्मदपुर गांव में एक डिजिटल पुस्तकालय का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए किताबों, कंप्यूटर और ऑनलाइन शिक्षा संसाधनों को आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में ज्ञान का डिजिटल द्वार खुल गया है। उनके अनुसार स्थानीय ग्राम पंचायत सचिवालय में स्थापित पुस्तकालय में कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें और राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित साहित्य भी उपलब्ध कराया गया है।
शहर जाने की जरूरत कम होने की बात
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले गांवों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबों और बेहतर संसाधनों के लिए शहरों की ओर देखना पड़ता था। उन्होंने कहा कि दूरी के कारण समय और पैसे दोनों की खपत होती थी। अब गांवों में संसाधनों की उपलब्धता से युवाओं को अपनी पढ़ाई पर खर्च करने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने से सपनों की राह आसान हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे और युवा पुस्तकालयों का इस्तेमाल पढ़ाई, ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कर रहे हैं। इस बदलाव को उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने से जोड़ा। इस पहल के जरिए गांवों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल पुस्तकालयों में आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री के अनुसार डिजिटल पुस्तकालयों में केवल किताबें ही नहीं, बल्कि तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। इससे छात्रों को ऑनलाइन उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच मिल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के अलावा राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट की ओर से प्रकाशित साहित्य भी इन पुस्तकालयों में उपलब्ध कराया गया है। इससे ग्रामीण विद्यार्थियों को अपनी तैयारी के लिए अलग-अलग संसाधनों की तलाश में शहरों का रुख करने की जरूरत कम हो सकती है। मुख्यमंत्री ने खासाहां मोहम्मदपुर के डिजिटल पुस्तकालय को पूरे उत्तर प्रदेश में डिजिटल पुस्तकालयों के व्यापक विस्तार का हिस्सा बताया।
गांवों में पढ़ाई और ई-लर्निंग के नए अवसर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गांवों में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल युवा पढ़ाई, ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कर रहे हैं। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के अवसर बढ़ने से जोड़ा। उनके मुताबिक पहले बेहतर संसाधनों के लिए शहरों की ओर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों खर्च होते थे। अब गांवों में पुस्तकालय और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होने से युवाओं को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने में मदद मिल रही है। इस बदलाव के जरिए गांवों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
