Gold ETF vs Physical Gold: धनतेरस पर सोने के जेवर के बजाय गोल्ड ईटीएफ क्यों है बेहतर?
भौतिक आभूषणों की जगह आधुनिक डिजिटल गोल्ड का विकल्प
धनतेरस और दीपावली के त्योहारी सीजन में सोने की खरीदारी को भारतीय संस्कृति में समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, पारंपरिक रूप से सर्राफा दुकानों से गहने या सिक्के खरीदने के दौरान आम उपभोक्ताओं को 10 से 20 प्रतिशत तक भारी मेकिंग चार्ज (गढ़ाई शुल्क), जीएसटी और बाद में बैंक लॉकर के रखरखाव का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है। ऐसे में वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि इस धनतेरस पर निवेशक भौतिक जेवरों के स्थान पर ‘गोल्ड ईटीएफ’ (Gold ETF) में निवेश करके इन सभी अनचाहे खर्चों से बच सकते हैं।
गोल्ड ईटीएफ वास्तव में स्टॉक एक्सचेंज (NSE व BSE) पर सूचीबद्ध ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड योजनाएं होती हैं, जो 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले भौतिक सोने के घरेलू हाजिर भावों को पूरी सटीकता से ट्रैक करती हैं। इसमें 1 यूनिट का मूल्य सामान्यतः 1 ग्राम शुद्ध सोने के बराबर होता है। इस प्रकार गोल्ड ईटीएफ धनतेरस निवेश पूंजी सुरक्षा और शुद्धता का सबसे आधुनिक माध्यम बन चुका है।
चोरी का कोई भय नहीं, पारदर्शी और आसान निकासी
गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने के कई प्रत्यक्ष वित्तीय फायदे हैं। सबसे पहला बड़ा लाभ यह है कि यह आपके डीमैट खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप में पूरी तरह सुरक्षित रहता है, जिससे घर में चोरी होने का कोई डर नहीं रहता और न ही बैंक लॉकर के भारी वार्षिक किराए का भुगतान करना पड़ता है। दूसरा बड़ा लाभ यह है कि जब भी आप भौतिक सोना बेचने जाते हैं, तो सुनार टेस्टिंग फीस या अशुद्धि के नाम पर वजन व दाम में कटौती कर लेते हैं, जबकि गोल्ड ईटीएफ को शेयर बाजार के नियमित कारोबारी घंटों के दौरान पारदर्शी लाइव बाजार भाव पर एक क्लिक में तत्काल बेचा जा सकता है।
तीसरा सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जहां आभूषण खरीदने के लिए एकमुश्त हजारों रुपयों की जरूरत होती है, वहीं ईटीएफ में आप महज कुछ सौ रुपयों से सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए बूंद-बूंद करके सोना जमा कर सकते हैं। इस सुगमता के चलते गोल्ड ईटीएफ धनतेरस निवेश हर वर्ग के बजट के अनुकूल बैठता है।
प्रमुख फंड्स ने दिया 12.8% तक का शानदार वार्षिक रिटर्न
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने विदेशी मुद्रा भंडार में आक्रामक तरीके से सोना जोड़ने और त्योहारी मांग के चलते अगले 12 महीनों में सोने में दोबारा तेज उछाल आने की प्रबल संभावना है। बीते एक वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो विभिन्न गोल्ड ईटीएफ ने निवेशकों को शानदार मुनाफा दिया है। निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ (Gold BeES) ने पिछले 12 महीनों में 12.58% का रिटर्न देकर शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसी प्रकार इनवेस्को गोल्ड ईटीएफ ने 12.50%, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ ने 12.39%, टाटा गोल्ड ईटीएफ ने 12.62% और क्वांटम गोल्ड ईटीएफ ने 12.81% का शुद्ध मुनाफा अर्जित कराया है।
वैल्यू रिसर्च के संकलित आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरी फंड श्रेणी ने पिछले तीन साल में 31.90% और पांच साल में 23.15% का संचयी रिटर्न दिया है। अतः धनतेरस की खरीदारी में शुद्धता, तरलता और बचत के दृष्टिकोण से गोल्ड ईटीएफ धनतेरस निवेश एक समझदारी भरा वित्तीय निर्णय साबित हो रहा है।
