नाम से जालिम, काम से मरहम: 97 साल पुराने जालिम लोशन की गोविंदा से खास कहानी
नाम जालिम, काम मरहम
नाम जालिम और काम से मरहम के रूप में मशहूर जालिम लोशन का सफर किसी मिसाल से कम नहीं है। दाद और खुजली के अचूक इलाज के रूप में पहचाना जाने वाला यह ब्रांड भारतीय घरों में दशकों से त्वचा के जिद्दी फंगल इंफेक्शन के लिए जाना जाता है। देश में इसका सफर साल 1929 में शुरू हुआ। पारंपरिक आयुर्वेदिक ब्रांड ने क्वालिटी और भरोसे के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 गोविंदा से भी इसका खास रिश्ता है और वह इसके ब्रांड एंबेसडर रहे हैं।
ओरिएंटल केमिकल वर्क्स के बैनर तले जालिम लोशन की शुरुआत स्वर्गीय जसवंतलालजी झा ने 1929 में मध्य प्रदेश के इंदौर में की थी। इस आयुर्वेदिक और प्रोप्राइटरी लिक्विड फॉर्मूलेशन का मुख्य मकसद आम जनता को त्वचा के संक्रमणों जैसे दाद, खाज, खुजली और एक्जिमा के लिए असरदार और किफायती दवा उपलब्ध कराना था। शुरुआत से ही इस प्रोडक्ट ने अपनी तेज और प्रभावी असर दिखाने की क्षमता के कारण भारतीय परिवारों में जगह बनाई। धीरे-धीरे यह पारंपरिक ब्रांड घरों में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख स्किन प्रोडक्ट्स में शामिल हो गया।
पीढ़ियों से भारतीय घरों का हिस्सा
जालिम लोशन को पारंपरिक लोशन के रूप में तैयार किया जाता रहा है। खबर के अनुसार इसके फॉर्मूलेशन में चकवड़, फिटकरी, सैलिसिलिक एसिड, टिंचर आयोडीन और फिनॉल डेरिवेटिव जैसे प्राकृतिक और औषधीय घटकों का मेल बताया गया है। पीढ़ियों से यह भारतीय घरों की अलमारियों का हिस्सा रहा है। इसकी विंटेज पैकेजिंग और क्लासिक लिथोग्राफ टिन बॉक्स आज भी कलेक्टर्स के बीच लोकप्रिय बताए गए हैं। कंपनी क्रॉनिक स्किन सॉल्यूशंस के लिए ओरिएंटल ग्रीन ऑइंटमेंट जैसे अन्य प्रोडक्ट भी उपलब्ध कराती है।
वर्तमान में इस वेंचर को संस्थापक के वंशज नवीन झा, अनिल झा और उमेश झा संभाल रहे हैं। उन्होंने इस विरासत को आगे बढ़ाया है। ब्रांड के निदेशकों के अनुसार बाजार में कई निर्माताओं ने इस लोकप्रिय ब्रांड की नकल करने की कोशिश की। हालांकि, लोगों का असली क्वालिटी और भरोसे के कारण जालिम लोशन के साथ जुड़ाव बना रहा। ग्राहकों और डीलरों के भरोसे ने इसे दशकों से बाजार में अपनी जगह बनाए रखने में मदद की। ब्रांड की लंबी यात्रा में यही भरोसा इसकी प्रमुख पहचान के रूप में सामने आता है।
गोविंदा से जुड़ा खास रिश्ता
जालिम लोशन का बॉलीवुड से भी खास रिश्ता रहा है। खबर में बताया गया है कि बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता गोविंदा इसके ब्रांड एंबेसडर हैं। हीरो नंबर 1 के नाम से लोकप्रिय गोविंदा के साथ ब्रांड का जुड़ाव जालिम लोशन की ब्रांड पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। भारतीय घरों में लंबे समय से मौजूद इस पारंपरिक ब्रांड को बॉलीवुड से जोड़ने में गोविंदा की भूमिका ने इसे अलग तरह की पहचान दी।
1929 में इंदौर से शुरू हुआ जालिम लोशन अब 2026 में 97 साल पुरानी ब्रांड विरासत बन चुका है। दाद, खाज, खुजली और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए पहचाने जाने वाले इस प्रोडक्ट ने लंबे समय तक भारतीय बाजार में अपनी जगह बनाए रखी है। पारंपरिक फॉर्मूलेशन, पुरानी पैकेजिंग, ग्राहकों का भरोसा और बॉलीवुड से जुड़ा नाम—इन सभी पहलुओं ने जालिम लोशन की कहानी को एक सामान्य प्रोडक्ट से आगे बढ़ाकर एक पुराने भारतीय ब्रांड की कहानी बना दिया है।
