नितिन गडकरी ने दिया खास बैंक बनाने का आइडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को लेकर बड़ा बयान

नितिन गडकरी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बैंक ऑफ आइडियाज का सुझाव देते हुए

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए नितिन गडकरी का खास आइडिया

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए एक अंतरराष्ट्रीय आचार संहिता बनाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि भारत को बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका है। गडकरी ने यह बात नागपुर में आयोजित एशियन सिनेरियो ऑन इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट सम्मेलन में कही। इस दौरान उन्होंने दुनिया के अलग-अलग देशों में विकसित हो रही नई तकनीकों, रिसर्च और विचारों को एक जगह लाने का सुझाव दिया।

‘बैंक ऑफ आइडियाज’ बनाने का सुझाव

गडकरी ने सुझाव दिया कि दुनिया के अलग-अलग देशों में विकसित हो रही नई तकनीकों, रिसर्च और विचारों को एक जगह लाने के लिए एक समर्पित वेबसाइट बनाई जानी चाहिए। इसे ‘बैंक ऑफ आइडियाज’ के तौर पर विकसित किया जा सकता है। उनका कहना है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म से दुनिया के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े लोग अपनी रिसर्च और नए आइडिया साझा कर सकेंगे। इसके बाद जरूरी टेस्टिंग और दूसरी प्रक्रियाएं पूरी करके उपयोगी तकनीकों और विचारों को प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय कोड में शामिल किया जा सकता है।

गडकरी ने कहा कि ज्ञान और तकनीक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। भारत में नई तकनीकों को तेजी से अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने सड़क निर्माण में नई तकनीकों और अलग-अलग सामग्री के इस्तेमाल का उदाहरण भी दिया। उनके मुताबिक नागपुर-जबलपुर हाईवे पर करीब एक किलोमीटर सड़क बायो-बिटुमेन से बनाई गई है। सड़क निर्माण में रबर टायर का पाउडर, प्लास्टिक और दूसरे कचरे के इस्तेमाल पर भी काम चल रहा है। उनका कहना है कि सड़क और दूसरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में बेकार सामग्री का इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए।

सड़क की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए

गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण में नई सामग्री और तकनीकों का इस्तेमाल करते समय सड़क की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही लागत, पर्यावरण, प्रकृति और नैतिकता का भी ध्यान रखना जरूरी है। उनके मुताबिक नई तकनीक का इस्तेमाल केवल इसलिए नहीं होना चाहिए कि वह नई है, बल्कि उसके इस्तेमाल से सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन भी बेहतर होना चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ उनके व्यावहारिक और पर्यावरणीय प्रभाव को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

गडकरी ने बताया कि NHAI अब तक करीब 80 टन नगर निगम के कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में कर चुका है। यह उदाहरण सड़क निर्माण में वेस्ट मैटेरियल के इस्तेमाल की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दिखाता है। उन्होंने कहा कि सड़क और दूसरी परियोजनाओं में बेकार सामग्री का इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि, ऐसी सामग्री के उपयोग के दौरान सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को होगा फायदा

गडकरी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में विकसित हो रही तकनीक और रिसर्च को एक प्लेटफॉर्म पर लाने से पूरी दुनिया के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को फायदा हो सकता है। ‘बैंक ऑफ आइडियाज’ के जरिए अलग-अलग देशों और विशेषज्ञों के विचार एक जगह उपलब्ध हो सकते हैं। इसके बाद उपयोगी तकनीकों को टेस्टिंग और जरूरी प्रक्रियाओं के बाद अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम पूरी दुनिया के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

गडकरी ने कहा कि भारतीय सामग्री की अच्छी गुणवत्ता और नई तकनीकों के कारण दुनियाभर में उनकी मांग बढ़ रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नई तकनीकों और बेहतर सामग्री के इस्तेमाल से भारत की भूमिका और मजबूत हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई तकनीक, रिसर्च, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सड़क की गुणवत्ता को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है।

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