मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है: मुख्यमंत्री मोहन यादव
मध्यप्रदेश को फूड बॉस्केट बनाने में कृषि विभाग की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण का परिणाम है कि मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया जा रहा है और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का असर अब व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग केवल योजनाओं को लागू करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग की टीम सरकार की कृषि योजनाओं और नीतियों को किसानों तक पहुंचाने का काम कर रही है। इसके साथ ही खेती में नए प्रयोग, तकनीकी नवाचार और कृषि से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
पारंपरिक खेती से तकनीकी नवाचार तक हो रहा काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि व्यवस्था अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है। प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और आधुनिक पद्धतियों को भी अपनाया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी लोग किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास की संभावनाएं काफी व्यापक हैं। खेती से लेकर तकनीकी नवाचार और उद्योग तक कृषि विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। किसानों की आय, कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभाग की योजनाओं और नीतियों को जमीन तक पहुंचाना जरूरी है।
किसान कल्याण और सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान कल्याण और कृषि विकास को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश की प्रगति में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सरकार की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बनाई गई योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनका प्रभाव खेत और किसान तक दिखाई दे। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग लगातार काम कर रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने मध्यप्रदेश की कृषि क्षमता को मजबूत करने में योगदान दिया है।
कृषि विभाग केवल विभाग नहीं, विकास का माध्यम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कृषि विभाग को केवल एक सरकारी विभाग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास से सीधे जुड़ा हुआ क्षेत्र है। किसानों की स्थिति बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और इसका असर पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। पारंपरिक कृषि के साथ तकनीक, नवाचार और उद्योग को जोड़ने की कोशिशों से प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिली है। इसी विकास के कारण प्रदेश को देश की फूड बॉस्केट के रूप में पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं को अंतिम व्यक्ति और खेत तक पहुंचाने में विभाग की टीम की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कृषि विभाग से जुड़े कर्मचारियों के योगदान को प्रदेश की उपलब्धियों से जोड़ते हुए कहा कि किसानों के साथ मिलकर काम करने का परिणाम सामने आया है। कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की स्थिति को मजबूत बनाने में विभागीय टीम की निरंतर मेहनत का योगदान है।
