एमपी कैबिनेट फैसले: 8,225 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, सिंचाई और स्वास्थ्य पर बड़ा बजट

एमपी कैबिनेट विकास मंजूरी के तहत 8225 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की फाइल पर हस्ताक्षर करते मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए कई ऐतिहासिक निर्णयों पर आधिकारिक मुहर लगाई गई। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना विस्तार और प्रशासनिक तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए 8 हजार 225 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं एवं वित्तीय प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। सरकार का मुख्य जोर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सिंचाई क्षमता के विस्तार और जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर रहा। इस वृहद वित्तीय आवंटन से जुड़ी एमपी कैबिनेट विकास मंजूरी राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास की गति तेज करेगी।

सिंचाई, वन संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को मिला भारी बजट

राज्य में कृषि विस्तार और जल संसाधन प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट ने छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर जिलों की वृहद सिंचाई परियोजनाओं के निरंतर संचालन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि हेतु 3,378 करोड़ 64 लाख रुपये की भारी धनराशि मंजूर की है। इससे लाखों हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा।

इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति पौधारोपण कार्यों को गति देने के लिए प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (CAMPA) से 2,050 करोड़ 3 लाख रुपये के उपयोग का अनुमोदन किया गया। वहीं, राज्य में नागरिकों को बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को 1,743 करोड़ 58 लाख रुपये तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। इस प्रकार एमपी कैबिनेट विकास मंजूरी ने बुनियादी समाज कल्याण क्षेत्रों को मजबूत सहारा दिया है।

नए जिलों में प्रशासनिक विस्तार और ईओडब्ल्यू का सुदृढ़ीकरण

प्रशासनिक व्यवस्था को सुगम और प्रभावी बनाने के क्रम में नवगठित जिलों—निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में नए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालयों की स्थापना और आवश्यक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के सुचारू संचालन तथा नागरिक आपूर्ति निगम से जुड़े उपार्जन संबंधी महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इस प्रकार एमपी कैबिनेट विकास मंजूरी से पूरे मध्य प्रदेश में नए निर्माण कार्यों और रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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