शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 1000 अंक उछला, रिलायंस और क्रूड में गिरावट से बाजार में बहार

सेंसेक्स 1000 अंक उछाल के बाद बीएसई भवन और ग्रीन टिकर स्क्रीन

गैप-अप शुरुआत के साथ सेंसेक्स 75,450 के पार

भारतीय शेयर बाजारों में नए कारोबारी सप्ताह के पहले ही दिन बुल्स (तेजड़ियों) ने आक्रामक वापसी करते हुए जोरदार तेजी का परचम लहराया। सोमवार को घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स ने शानदार गैप-अप शुरुआत की। शुरुआती कारोबारी सत्र में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर 75,450 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी सुधार दिखा और मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 1-1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। सप्ताह के पहले ही दिन आया यह सेंसेक्स 1000 अंक उछाल घरेलू आर्थिक मजबूती का स्पष्ट प्रमाण बन गया।

निवेशकों की संपत्ति 6.4 लाख करोड़ बढ़ी, 480 लाख करोड़ के पार मार्केट कैप

बाजार में आई इस ऐतिहासिक तेजी से शेयर बाजार के निवेशकों को बंपर वित्तीय मुनाफा हासिल हुआ है। बीएसई (BSE) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) एक ही सत्र में करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 480.74 लाख करोड़ रुपये के नए सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

जबकि इससे पहले 30 अक्टूबर को पिछला कारोबारी सत्र समाप्त होने के बाद कुल मार्केट कैप 474.37 लाख करोड़ रुपये था। बाजार की इस जबर्दस्त रैली में सितंबर तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजों वाले शेयर्स पूरी तरह फोकस में रहे। इसमें सबसे आगे हैवीवेट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का शेयर रहा, जिसमें अनुमान से बेहतर तिमाही मुनाफे के चलते 6 फीसदी से ज्यादा की जबर्दस्त तेजी दर्ज की गई। इसी के चलते बीएसई एनर्जी इंडेक्स 2.6 फीसदी से ज्यादा उछल गया। सेंसेक्स 1000 अंक उछाल के पीछे रिलायंस के इस मजबूत प्रदर्शन का सबसे बड़ा योगदान रहा।

कच्चे तेल में भारी नरमी ने दिया भारतीय बाजार को सहारा

रिलायंस के अलावा एनटीपीसी (NTPC) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज शेयरों में भी 2 से 3 फीसदी की ठोस बढ़त देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई जोरदार गिरावट ने भारतीय बाजारों के लिए टॉनिक का काम किया।

दरअसल, वैश्विक निवेशक पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष को समाप्त करने के लिए शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक कोशिशों और ईरान पर अमेरिका द्वारा दोबारा सैन्य कार्रवाई करने की घटती आशंका के बीच राहत महसूस कर रहे हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें तेजी से फिसल रही हैं, जो तेल आयातक भारत के चालू खाता घाटे और महंगाई नियंत्रण के लिए अत्यंत सकारात्मक है। तेल की नरमी और ब्लूचिप लिवाली के इस दोहरे तालमेल ने सेंसेक्स 1000 अंक उछाल को दिनभर ऊंचाई पर बनाए रखा।

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