10 साल में निवेशकों के 1 लाख बने 6500: शेयर बाजार के 10 फ्लॉप शेयर, अनिल अंबानी का स्टॉक भी शामिल
लंबी अवधि के निवेश में भारी नुकसान की कड़वी हकीकत
शेयर बाजार के निवेशकों के बीच अक्सर यह धारणा प्रचलित रहती है कि किसी बड़ी और जानी-पहचानी कंपनी में लंबे समय तक निवेशित रहने से हमेशा भारी-भरकम मुनाफा ही बनता है। लेकिन शेयर बाजार का व्यावहारिक इतिहास यह प्रमाणित करता है कि यह सोच पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। बाजार में ऐसे दर्जनों बड़े और नामी स्टॉक शामिल रहे हैं, जिन्होंने लंबी अवधि के नाम पर भरोसा करने वाले सीधे-सादे खुदरा निवेशकों की गाढ़ी कमाई को पूरी तरह तबाह कर दिया है। बीते 10 वर्षों के दौरान कुछ कंपनियों के शेयरों में ऐसी भीषण और सतत गिरावट आई कि निवेशकों के 1 लाख रुपये की मूल जमा पूंजी घटकर महज 6,500 रुपये तक सिमट गई।
मार्केट एक्सपर्ट सुमित मेहरोत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ऐसे 10 प्रमुख शेयरों का तुलनात्मक आंकड़ा प्रस्तुत किया है, जिसमें अनिल अंबानी समूह की कंपनी भी शामिल है। यह फेहरिस्त प्रमाणित करती है कि पूंजी डुबोने वाले शेयर किस प्रकार निवेशकों के वित्तीय भविष्य को चौपट कर देते हैं।
वोडाफोन, जीवीके पावर और जैन इरिगेशन में 70% से ज्यादा नुकसान
आंकड़ों के अनुसार, बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ‘जीवीके पावर’ ने पिछले 10 वर्षों में अपने शेयरधारकों को सबसे बड़ा झटका दिया है। जिस किसी निवेशक ने 10 साल पहले इस कंपनी में 1 लाख रुपये लगाए थे, आज उसके पास मात्र 30 हजार रुपये ही बचे हैं, यानी सीधे तौर पर 70 हजार रुपये की पूंजी डूब गई। दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘वोडाफोन आइडिया’ के शेयर में 10 साल पहले लगाए गए 1 लाख रुपये का वर्तमान मूल्य गिरकर महज 28 हजार रुपये रह गया है, जिससे निवेशकों को प्रति लाख पर 72 हजार रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
यही हाल कृषि उपकरण बनाने वाली ‘जैन इरिगेशन’ का रहा, जहां 1 लाख रुपये की मूल वैल्यू घटकर 28 हजार रुपये पर आ गई। इसी तरह वित्तीय सेवा क्षेत्र की ‘सम्मान कैप’ ने 10 साल में 1 लाख रुपये को घटाकर मात्र 17 हजार रुपये कर दिया, यानी 83 हजार रुपये की सीधी चपत लगाई। यह आंकड़े साबित करते हैं कि बिना सोचे-समझे चुने गए पूंजी डुबोने वाले शेयर निवेशकों की संपत्ति को दीमक की तरह चाट जाते हैं।
कॉफी डे, जी एंटरटेनमेंट और स्पाइसजेट का भी खस्ता हाल
खुदरा कैफे चेन ‘कॉफी डे एंटरप्राइजेज’ में 10 साल पूर्व निवेश किए गए 1 लाख रुपये की कीमत आज घटकर महज 13,700 रुपये बची है, जिसमें 86,300 रुपये का भारी नुकसान हुआ है। मीडिया दिग्गज ‘जी एंटरटेनमेंट’ ने भी कॉर्पोरेट विवादों के बीच निवेशकों की भारी पूंजी स्वाहा कर दी; 10 साल पहले का 1 लाख रुपये आज सिर्फ 12,200 रुपये रह गया है।
विमानन कंपनी ‘स्पाइसजेट’ के शेयर में लगाया गया 1 लाख रुपया आज घटकर 11,600 रुपये और सर्राफा निर्यातक ‘राजेश एक्सपोर्ट्स’ में 1 लाख रुपये की वैल्यू गिरकर मात्र 11,200 रुपये रह गई है। इस सूची में अनिल अंबानी समूह की संकटग्रस्त कंपनियां भी शामिल हैं, जहां निवेश की लगभग 93 से 95 प्रतिशत पूंजी साफ हो चुकी है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि निवेशकों को केवल कंपनी के नाम या अतीत के आकार पर जाने के बजाय उसके कर्ज, गवर्नेंस और नकदी प्रवाह पर निरंतर नजर रखनी चाहिए, ताकि वे समय रहते पूंजी डुबोने वाले शेयर से अपना पैसा बाहर निकाल सकें।
