ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: भारत की हुंकार, नई विश्व व्यवस्था का नया एजेंडा

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भारत की अध्यक्षता में BRICS का बड़ा सम्मेलन

नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। भारत की अध्यक्षता में होने वाला यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित होगा। इस बार BRICS का फोकस वैश्विक शासन में सुधार, आर्थिक सहयोग, व्यापार, वित्तीय व्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा, सतत विकास और ग्लोबल साउथ की भूमिका मजबूत करने पर रहेगा। भारत ने इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता के लिए “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास को केंद्रीय थीम बनाया है।

BRICS का बढ़ता दायरा

BRICS अब पहले की तुलना में कहीं बड़ा समूह बन चुका है। वर्तमान में इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया और सऊदी अरब शामिल हैं। ये देश मिलकर दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी और लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं।

शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग सहित कई मुद्दों पर बातचीत हुई।

वैश्विक संकट और वित्तीय सुधार पर जोर

भारत और रूस के संबंधों के साथ BRICS के मंच पर पश्चिम एशिया और यूक्रेन जैसे वैश्विक संकटों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत लगातार संवाद और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के समाधान की वकालत करता रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंच रहे हैं। भारत-चीन संबंधों में आई चुनौतियों के बीच मोदी और शी की प्रस्तावित मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले BRICS देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक प्रमुखों ने IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं में सुधार की मांग उठाई है। उनका कहना है कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं को उनकी वास्तविक आर्थिक ताकत के अनुरूप अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। BRICS देश सीमा-पार भुगतान आसान बनाने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। इसका उद्देश्य किसी एक मुद्रा पर अत्यधिक निर्भरता कम करना है। हालांकि अलग-अलग देशों की वित्तीय प्रणालियां इसे लागू करने में चुनौती हैं। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एजेंडे में आर्थिक और तकनीकी सहयोग को खास महत्व दिया गया है।

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