विलायत की महंगी व्हिस्की हो सकती है सस्ती, कस्टम ड्यूटी घटने का असर
ब्रिटेन से आने वाली शराब पर कस्टम ड्यूटी में कटौती
शराब के शौकीनों के लिए फेस्टिव सीजन में गुड न्यूज है। 15 जुलाई से लागू भारत-ब्रिटेन कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट के तहत ब्रिटेन से आयातित शराब पर कस्टम ड्यूटी 150% से घटाकर 75% कर दी गई थी। इससे शराब की कीमत कम हो सकती है। आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में कुछ प्रीमियम व्हिस्की और जिन ब्रांड की कीमतें 10% से 15% तक कम हो सकती हैं। टीओआई के मुताबिक आबकारी विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कीमतों पर इसका असर ब्रांड और उनकी नई कीमतों पर निर्भर करेगा। विदेश से आने वाली शराब की रिटेल कीमत में राज्य की आबकारी ड्यूटी, टैक्स, मार्जिन और अन्य लागत भी शामिल होती हैं। इसलिए कस्टम ड्यूटी में 50% की कटौती का मतलब यह नहीं है कि दिल्ली में शराब की बोतल की कीमत में भी उतनी ही बड़ी गिरावट आएगी।
प्रीमियम व्हिस्की और जिन पर दिख सकता है असर
अधिकारी के अनुसार ग्राहकों को असल फायदा अलग-अलग ब्रांड और उनकी नई कीमतों पर निर्भर करेगा। कुछ प्रीमियम ब्रांड की कीमतों में 10% से 15% तक की कमी होने की उम्मीद है। नई कीमतें इसी महीने लागू हो सकती हैं। हालांकि, दिल्ली में एक और प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जिससे शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि सरकार दिल्ली की आबकारी नीति में बदलाव के तहत आबकारी ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो राज्य का टैक्स बढ़ने से शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं और कुछ आयातित ब्रांड के मामले में कम कस्टम ड्यूटी से मिलने वाले फायदे का कुछ हिस्सा खत्म हो सकता है।
दिल्ली में आबकारी ड्यूटी बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार
अधिकारियों ने बताया कि आबकारी ड्यूटी बढ़ाने के प्रस्ताव पर फैसला लेने में अभी कुछ और समय लग सकता है। दिल्ली के आबकारी कमिश्नर रवि झा का हाल ही में अरुणाचल प्रदेश तबादला हो गया था। इसलिए विभाग इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से पहले उनके उत्तराधिकारी के कार्यभार संभालने का इंतजार कर सकता है। इस बीच, उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही प्रक्रिया चल रही है। राज्य में 10 अक्टूबर से यूके के कई शराब ब्रांड की कीमतें कम होने वाली हैं। कुछ प्रीमियम ब्रांड की कीमतों में 5% से 15% तक की कमी होने की उम्मीद है। वहीं दिल्ली में एक और प्रस्ताव पर विचार हो रहा है, जिसके तहत शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसलिए ब्रिटेन से आने वाली शराब पर कस्टम ड्यूटी में कमी के बावजूद दिल्ली में ग्राहकों को वास्तविक फायदा अलग-अलग ब्रांड और राज्य की आबकारी नीति पर निर्भर करेगा।
