भारतीय विमेंस हॉकी टीम की लगातार तीसरी जीत, थाईलैंड को 20-1 से हराया
एशियन गेम्स में भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए थाईलैंड को 20-1 से हरा दिया। यह मुकाबला बुधवार को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेला गया। भारत की ओर से दीपिका ने अकेले 9 गोल किए। उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए। नवनीत कौर ने 4 और रुतुजा पिसल ने 3 गोल किए। इसके अलावा नेहा, लालरेमसियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल करके टीम की बड़ी जीत में योगदान दिया।
लगातार तीसरी जीत से भारत शीर्ष पर
इस जीत के साथ भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। भारत पूल के पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर बना हुआ है। इससे पहले टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 और इंडोनेशिया को 17-1 से हराया था। थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। भारत ने लगातार हमले किए और पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए गोल दागे। थाईलैंड को पूरे मुकाबले में केवल एक गोल करने का मौका मिला।
दीपिका ने भारत के लिए 9 गोल किए। उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए। दूसरे मिनट में ही उन्होंने टीम का खाता खोल दिया। इसके बाद पहले क्वार्टर में 8वें और 9वें मिनट में भी उन्होंने गोल किए। इसके बाद 24वें, 33वें, 36वें, 39वें, 51वें और 57वें मिनट में भी दीपिका की स्टिक से गोल निकले। इस तरह उन्होंने मुकाबले में कुल 9 गोल पूरे किए। तीन मैचों में दीपिका के कुल 20 गोल हो चुके हैं। लगातार तीन मुकाबलों में उनके शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम के आक्रमण को बड़ी मजबूती मिली है।
नवनीत और रुतुजा ने भी किया शानदार प्रदर्शन
नवनीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गोल किए। रुतुजा पिसल ने हैट्रिक पूरी की और तीन गोल दागे। इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा नेहा, लालरेमसियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल किए। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मैच में आक्रामक हॉकी खेली। गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए टीम ने लगातार थाईलैंड के गोलपोस्ट पर दबाव बनाया। पेनल्टी कॉर्नर के मौके भी भारत ने प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किए।
थाईलैंड पूरे मुकाबले में केवल एक गोल कर सका। मैच के चौथे क्वार्टर के आखिर में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला। सुपांसा सामांसो के ड्रैग-फ्लिक से निकली गेंद हल्की डिफ्लेक्ट होकर गोल में चली गई। इसके बावजूद भारत की बढ़त इतनी बड़ी थी कि इस गोल से मैच के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा। भारत ने 20-1 के अंतर से मुकाबला अपने नाम किया।
1998 के बाद फिर बड़े अंतर से जीत
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में लगातार तीसरी बार दोहरे अंकों से जीत दर्ज की है। इससे पहले टीम ने उज्बेकिस्तान और इंडोनेशिया को भी बड़े अंतर से हराया था।
भारत ने इससे पहले 1998 के एशियन गेम्स में घरेलू मैदान पर महिला हॉकी में गोल्ड मेडल जीता था। 1998 के बाद भारतीय टीम को एशियन गेम्स के फाइनल में वापसी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स में भारत फाइनल में पहुंचा था, लेकिन दक्षिण कोरिया से हारकर सिल्वर मेडल मिला था। इसके बाद टीम ने 2018 में सिल्वर और 2006, 2014 तथा 2022 में ब्रॉन्ज मेडल जीते। अब भारतीय टीम की नजर एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड जीतने पर है।
भारतीय विमेंस हॉकी टीम के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम लगातार तीसरी बार बड़े अंतर से मुकाबला जीत चुकी है। 1998 के बाद टीम पहली बार एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। भारत अब शुक्रवार को जापान के खिलाफ मुकाबला खेलेगा। लगातार तीन जीत के बाद टीम पूल में शीर्ष स्थान पर है और आगे के मुकाबलों में भी इसी प्रदर्शन को बनाए रखने की कोशिश करेगी।
