40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर, 7 हजार शाखाओं में कामकाज प्रभावित
मध्य प्रदेश के बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। करीब 40 हजार बैंक अधिकारी-कर्मचारी 28, 29 और 30 सितंबर को हड़ताल पर रहेंगे। इससे प्रदेश में करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। हड़ताल के साथ 26 और 27 सितंबर को शनिवार-रविवार की छुट्टी भी रहेगी। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ सकता है।
जरूरी बैंकिंग काम पहले निपटाने की सलाह
जिन ग्राहकों को बैंक से जुड़े जरूरी काम करने हैं, उन्हें 23 से 25 सितंबर के बीच काम निपटाने की सलाह दी गई है। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल रहने की बात कही गई है। इस दौरान बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस समेत बैंक की कई जरूरी सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है। लगातार छुट्टी और हड़ताल के कारण ग्राहकों को बैंक शाखाओं से जुड़े जरूरी कामों के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है।
बैंककर्मी हड़ताल के पीछे कर्मचारियों की कई मांगें हैं। इनमें पांच दिवसीय बैंकिंग वीक लागू करने की मांग भी शामिल है। बैंक कर्मचारी पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के साथ सप्ताह में दो दिन साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लागू किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के नेतृत्व में आंदोलन आगे बढ़ाया जा रहा है। यूनियनों की ओर से मांगों को लेकर प्रदर्शन और हड़ताल का सिलसिला पहले भी चलाया गया है।
यूनियनों ने अगस्त में भी किया था प्रदर्शन
बैंक यूनियनों ने 27 अगस्त को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया था। इसके बाद आने वाले महीनों में बैंक हड़तालों और आगे चलकर अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। मौजूदा हड़ताल को इसी आंदोलन के अगले चरण का हिस्सा बताया गया है। यूनियनों का आंदोलन तीन चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। तीसरे चरण में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की बात भी कही गई है। मौजूदा हड़ताल इसी आंदोलन का हिस्सा है और इसमें बैंक कर्मचारियों की अलग-अलग मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
यूनियंस के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की जायज मांग को सरकार अनावश्यक रूप से लंबित कर रही है। उनके मुताबिक इस मुद्दे पर पहले कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। वीके शर्मा के मुताबिक मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने के कारण बैंक कर्मचारी विरोध का रास्ता अपना रहे हैं और आंदोलन को आगे बढ़ाया जा रहा है। यूनियनों की ओर से कहा गया है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
28 से 30 सितंबर तक हड़ताल
बैंककर्मी हड़ताल 28, 29 और 30 सितंबर को रहेगी। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी होगी। इस तरह बैंकिंग कामकाज पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ने की स्थिति बन सकती है। मध्य प्रदेश में करीब 40 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहने वाले हैं। करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर बैंक और उसकी प्रणाली के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
ग्राहकों को किन सेवाओं में परेशानी हो सकती है
हड़ताल के दौरान नकद जमा और निकासी तथा चेक क्लियरेंस जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा शाखा स्तर पर किए जाने वाले कई जरूरी काम भी रुक सकते हैं। इसलिए जिन ग्राहकों को शाखा में जाकर बैंकिंग काम करना है, उन्हें पहले ही उसे पूरा करने की सलाह दी गई है। सितंबर में इससे पहले भी बैंकिंग सेवाएं छुट्टी और हड़ताल के कारण प्रभावित हुई थीं। 11, 12 और 13 सितंबर को हड़ताल और छुट्टी के कारण बैंकिंग कामकाज पर असर पड़ा था। अब लगातार छुट्टियों और प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाओं में फिर रुकावट की संभावना जताई गई है।
