WPL 2027 मिनी ऑक्शन: 146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली, यूपी वॉरियर्स के पास सबसे बड़ा पर्स

डब्लूपीएल मिनी ऑक्शन के दौरान प्रदर्शित ट्रॉफी और टीम पर्स का ब्योरा

कोच्चि में आज शाम सजेगा महिला खिलाड़ियों का बाजार

विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के पांचवें सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी आज कोच्चि में आयोजित की जा रही है। यह मिनी ऑक्शन शाम 5:30 बजे औपचारिक रूप से शुरू होगा। इस नीलामी प्रक्रिया में कुल 146 महिला क्रिकेटरों पर बोली लगाई जाएगी, लेकिन पांचों फ्रेंचाइजियों के पास कुल मिलाकर केवल 27 खिलाड़ियों को ही खरीदने की जगह (स्लॉट) खाली है। इनमें विदेशी खिलाड़ियों के लिए महज 7 स्लॉट उपलब्ध हैं।

नीलामी की मेज पर उतरने से पहले यूपी वॉरियर्स की टीम सबसे मजबूत वित्तीय स्थिति में है और उसके पास सर्वाधिक 3.75 करोड़ रुपये का पर्स बाकी है। इसके विपरीत गत चैंपियन मुंबई इंडियंस के पास सबसे कम मात्र 90 लाख रुपये का सीमित बजट बचा है। इस डब्लूपीएल मिनी ऑक्शन के जरिए सभी फ्रेंचाइजियां अपनी टीम के संतुलन को साधने का प्रयास करेंगी।

राइट टू मैच (RTM) कार्ड का नहीं मिलेगा विकल्प

टूर्नामेंट के स्थापित नियमों के मुताबिक विमेंस प्रीमियर लीग की प्रत्येक टीम में अधिकतम 18 खिलाड़ी ही शामिल हो सकते हैं, जिसमें विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम सीमा 6 तय की गई है। चूंकि यह एक छोटा (मिनी) ऑक्शन है, इसलिए नियमों के तहत टीमों को राइट टू मैच (RTM) कार्ड का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई है।

पांचों फ्रेंचाइजियों ने इस नीलामी से पहले अपने मुख्य कोर ग्रुप पर भरोसा जताते हुए कुल 63 खिलाड़ियों को रिटेन कर लिया था, जिनमें 23 अंतरराष्ट्रीय विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। बीसीसीआई द्वारा प्रत्येक फ्रेंचाइजी को अपनी टीम तैयार करने के लिए अधिकतम 15 करोड़ रुपये खर्च करने की वित्तीय सीमा दी गई है। इस राशि में रिटेन किए गए खिलाड़ियों पर खर्च की गई धनराशि भी पूरी तरह शामिल है। इस डब्लूपीएल मिनी ऑक्शन में बिना आरटीएम के टीमों को सीधे ऊंची बोली लगाकर ही अपने पसंदीदा नामों को जोड़ना होगा।

आरटीएम और मेगा ऑक्शन के नियमों में अंतर

मिनी ऑक्शन की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए जानकारों ने बताया कि मेगा ऑक्शन में आरटीएम कार्ड का प्रावधान होता है, जिससे कोई भी टीम अपनी पुरानी रिलीज खिलाड़ी पर अन्य टीम की उच्चतम बोली की बराबरी करके उसे वापस अपनी टीम में शामिल कर सकती है। हालांकि, मिनी ऑक्शन में फ्रेंचाइजियां अधिकांश खिलाड़ियों को सीधे रिटेन कर लेती हैं और बाकी बचे सीमित बजट से अपनी जरूरतें पूरी करती हैं।

मेगा ऑक्शन आमतौर पर हर 3 साल के अंतराल पर आयोजित किया जाता है, जिसमें अधिकतम 5 खिलाड़ियों को रिटेन करने की छूट होती है। कोच्चि में हो रहे इस डब्लूपीएल मिनी ऑक्शन में 27 स्लॉट भरने के लिए पांचों टीमों के बीच जबरदस्त रणनीतिक होड़ देखने को मिलेगी।

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