सीमापुरी बिल्डिंग हादसा: पांच मंजिला इमारत गिरी, 8-10 लोगों के दबे होने की आशंका
सीमापुरी में अचानक भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत
राजधानी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां एक पांच मंजिला बिल्डिंग का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इमारत का हिस्सा गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 8 से 10 लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के इलाके को घेर लिया गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भी बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबे को सावधानी से हटाने की कोशिश की जा रही है। सीमापुरी बिल्डिंग हादसा के बाद आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि घटना के समय इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे और मलबे में वास्तव में कितने लोग फंसे हैं।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश जारी
इमारत का हिस्सा गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने इलाके को घेरकर लोगों को घटनास्थल से दूर रखने की कोशिश की, ताकि बचाव कार्य में परेशानी न हो। मलबे में किसी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका के कारण उसे सावधानी से हटाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी में कुछ लोगों के दबे होने की बात सामने आई है। अधिकारियों की ओर से अभी तक किसी निश्चित संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव अभियान में मदद की। हादसे के बाद आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोग अपने परिचितों और आसपास रहने वाले लोगों की जानकारी लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। सीमापुरी बिल्डिंग हादसा के बाद राहत टीमों की गतिविधियों पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
जर्जर इमारतों को लेकर दिल्ली में फिर बढ़ी चिंता
हादसे के बाद दिल्ली में जर्जर और खतरनाक इमारतों को लेकर चिंता फिर सामने आई है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों में इमारत का हिस्सा गिरने से दहशत फैल गई। हाल के दिनों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जर्जर और खतरनाक इमारतों को लेकर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की खबरें भी सामने आती रही हैं। पूर्वी दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में भी एक जर्जर इमारत को लेकर एमसीडी की ओर से कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। अधिकारियों ने ऐसी इमारतों को खाली कराने के निर्देश दिए थे।
हालांकि सीमापुरी की इस इमारत के बारे में हादसे से पहले कोई ऐसी कार्रवाई हुई थी या नहीं, इसकी जानकारी स्रोत में स्पष्ट नहीं है। फिलहाल सीमापुरी बिल्डिंग हादसा में राहत और बचाव अभियान सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मलबा पूरी तरह हटने और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमारत का हिस्सा क्यों गिरा और हादसे के समय वहां कितने लोग मौजूद थे।
