पीएम मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी : सीएम योगी
योगी ने शिंजो आबे की स्मृति को किया याद
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की दोस्ती को याद किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं का रिश्ता सिर्फ राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं था, बल्कि विश्वास और आत्मीयता पर आधारित था। योगी ने कहा कि पद बदलते रहे, लेकिन दोनों नेताओं के बीच दोस्ती और आपसी विश्वास कायम रहा।
उन्होंने शिंजो आबे की स्मृति में वाराणसी में बनाए गए रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत-जापान संबंधों की विरासत को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के साथ भारत के संबंधों में शिंजो आबे का योगदान महत्वपूर्ण रहा। मोदी-आबे दोस्ती को याद करते हुए योगी ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में इस व्यक्तिगत विश्वास की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने आबे के निधन के बाद उनकी स्मृति को सम्मान देने के लिए भारत में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।
काशी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शिंजो आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर भारत और जापान के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली विरासत का हिस्सा है। योगी ने शिंजो आबे की स्मृति को स्थायी सम्मान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में काशी में आबे की स्मृति को स्थायी सम्मान देने का विचार सामने आया था।
इसके बाद भारत-जापान संबंधों में कई महत्वपूर्ण पहल हुईं। काशी और क्योटो को पार्टनर सिटी बनाने का समझौता हुआ। इसके बाद अहमदाबाद में दोनों देशों के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों ने दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया। मोदी-आबे दोस्ती के संदर्भ में उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत संबंधों ने भी भारत-जापान साझेदारी को मजबूती देने में भूमिका निभाई।
आबे की विरासत को आगे बढ़ाने की बात
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिंजो आबे ने भारत और जापान के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आबे को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण प्रदान किया था। योगी ने कहा कि आबे के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकातों और दोनों नेताओं के बीच बने व्यक्तिगत संबंधों ने दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा दी।
उन्होंने जापान की ओर से भारत के विकास में सहयोग का भी उल्लेख किया। काशी में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर को इसी सहयोग की एक मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया। मोदी-आबे दोस्ती को लेकर योगी ने कहा कि दोनों नेताओं के पद बदलते रहे, लेकिन विश्वास और आत्मीयता का रिश्ता बना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के साथ भारत की साझेदारी आगे भी मजबूत होनी चाहिए और शिंजो आबे की विरासत को विकास तथा सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
