900 करोड़ से हर विधानसभा में खेल स्टेडियम, बिजली डील और रतलाम-सिंगरौली एयरपोर्ट को मंजूरी
हर विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर बनाने का फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर बनाने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में करीब 80 स्थानों पर खेल संरचनाएं बनी हुई हैं, इनके विकास पर भी काम किया जाएगा। पूरी योजना पर लगभग 900 करोड़ रुपए खर्च होने की बात सामने आई है। खेल स्टेडियम विधानसभा मुख्यालय या शहर के नजदीक बनाए जाएंगे। इन परिसरों में हेलिपैड भी बनाए जाने का प्रावधान रहेगा, ताकि आपात स्थिति में उनका उपयोग किया जा सके। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार खेल सुविधाओं के विकास के लिए विधानसभा क्षेत्रों में स्थानों का चयन किया जाएगा और पहले से मौजूद खेल संरचनाओं के विकास को भी योजना में शामिल किया जाएगा।
900 करोड़ की योजना में पुराने खेल ढांचे का भी विकास
प्रदेश में सभी विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर विकसित करने की योजना पर करीब 900 करोड़ रुपए खर्च होंगे। खेल स्टेडियम विधानसभा मुख्यालय या आसपास के शहरों में बनाए जाने हैं। सरकार की योजना में उन स्थानों को भी शामिल किया गया है, जहां पहले से खेल संरचनाएं मौजूद हैं। इन मौजूदा खेल संरचनाओं का भी विकास किया जाएगा। खेल परिसरों में हेलिपैड बनाए जाने की बात भी कैबिनेट के निर्णय में कही गई है। इसका उपयोग आपात परिस्थितियों में किया जा सकेगा। इस योजना के जरिए विधानसभा स्तर पर खेल अधोसंरचना को विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
रतलाम और सिंगरौली की हवाई पट्टियों को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टियों के विकास को भी मंजूरी दी गई। इससे इन क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में काम किया जाएगा। बैठक में राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए ढाई सौ करोड़ रुपए की अतिरिक्त स्वीकृति भी दी गई। इस अतिरिक्त राशि से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की बात कही गई है। रतलाम और सिंगरौली की हवाई पट्टियों के विकास को मंजूरी मिलने के साथ इन क्षेत्रों में विमानन सुविधाओं से जुड़े काम आगे बढ़ेंगे।
प्रदेश में बिजली से संबंधित भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कैबिनेट ने 2400 मेगावाट बिजली के पावर परचेज एग्रीमेंट करने की अनुमति दी है। इससे आने वाले समय में बिजली की कमी नहीं होने और उद्योगों तथा घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही गई है। कैबिनेट के निर्णय में बिजली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पावर खरीद समझौते को मंजूरी दी गई।
सुगम बस परिवहन सेवा की भी तैयारी
कैबिनेट बैठक में सुगम बस परिवहन सेवा को लेकर भी प्रस्तुतीकरण हुआ। इस योजना का शुभारंभ 26 सितंबर को किया जाना तय किया गया है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की बात कही गई है। योजना की खास बात यह है कि सरकार अपनी बसें नहीं चलाएगी, बल्कि निजी ऑपरेटरों से अनुबंध किए जाएंगे। सरकार की ओर से रूट प्लान से लेकर तकनीकी निगरानी और बस अधोसंरचना तक की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
यात्रियों को सही बस, सही मार्ग और सही समय की सेवा का लक्ष्य
सुगम बस परिवहन सेवा के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का गठन किया गया है। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि बस संचालन, आईटीएमएस और परिवहन अधोसंरचना को पीपीपी मॉडल पर एकीकृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को सही बस, सही मार्ग और सही समय के आधार पर भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना है। यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में बताया गया कि प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे पूरा हो चुका है। डेटा आधारित योजना के तहत करीब 250 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी। ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
