सहारनपुर मस्जिद के नीचे मिला कुआं, लखौरी ईंटों और चूने की संरचना ने बढ़ाया रहस्य
सहारनपुर मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। मामले को समाजवादी पार्टी ने जोरदार तरीके से उठाया। मुजफ्फरनगर के सपा सांसद हरेंद्र मलिक हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद ध्वस्त मस्जिद के स्थल तक पहुंचे। वहीं, सरधना विधायक अतुल प्रधान ने भी सहारनपुर पहुंचने की कोशिश की। हालांकि, मेरठ में रोके जाने को लेकर राजनीति गरमाई रही। वहीं, मस्जिद के ध्वस्त होने के बाद सामने आए कुएं को लेकर चर्चा तेज है। मस्जिद से करीब 20 फीट गहरी कुएं नुमा संरचना मिली है।
इसको लेकर पुरातत्व विभाग की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। पहली नजर में इस संरचना को उत्तर मध्यकालीन दौर का बताया जा रहा है।
सहारनपुर मस्जिद : क्या कहते हैं अधिकारी?
सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव का कहना है कि कुएं की निर्माण शैली और सामग्री को देखते हुए
इसे करीब 200 से 250 साल पुराना माना जा सकता है। इस कुएं के अंदर मलबा भरा हुआ है। इस कारण अभी इसकी पूरी पहचान और उपयोग को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है। लखनऊ से गई पुरातत्व विभाग की टीम ने सोमवार को इस संरचना का निरीक्षण किया। मंगलवार को भी जांच की बात कही जा रही है। डॉ. मनोज कुमार यादव के अनुसार, सतह से संरचना करीब 20 फीट नीचे है। इसका व्यास करीब तीन फटी है। पुरातत्व विभाग के निरीक्षण में कुएं कुएं में में लखौरी ईंटों के इस्तेमाल के संकेत मिले। ईंटों का आकार करीब 20×10×5 सेंटीमीटर पाया गया है।

