OpenAI Navier-Stokes: AI ने 181 साल पुरानी गणित पहेली पर खोजा समाधान, 88 घंटे में मिला जवाब; पूरी समस्या अभी बाकी
88 घंटे में गणित की कठिन समस्या पर AI का दावा
ओपनएआई ने दावा किया है कि उसकी नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने गणित की दुनिया की सबसे मुश्किल समस्याओं में से एक OpenAI Navier-Stokes प्रॉब्लम को हल कर लिया है। इसे सुलझाने में सिर्फ 88 घंटे लगे। गणित की चर्चित क्ले मैथमेटिक्स इंस्टीट्यूट ने साल 2000 में गणित के सात बेहद मुश्किल और अनसुलझे सवाल चुने थे। इनमें से कई सवाल 100 साल से भी ज्यादा पुराने थे। इन्हें “मिलेनियम प्रॉब्लम्स” कहा गया। इनमें से किसी एक सवाल को सही तरीके से हल करने वाले के लिए 10 लाख डॉलर का इनाम रखा गया था। ओपनएआई के इस दावे से पहले इन सात में से सिर्फ एक समस्या हल हुई थी। इसे 2003 में रूसी गणितज्ञ ग्रिगोरी पेरेलमैन ने सुलझाया था। यानी कंपनी का दावा सही है तो अब तक दो सवालों के जवाब खोजे जा चुके हैं।
नेवियर-स्टोक्स समस्या क्या है?
मान लीजिए आपने एक गिलास पानी फर्श पर गिरा दिया। पानी इधर-उधर फैलने लगेगा। वैज्ञानिक गणित की मदद से यह अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं कि पानी किस दिशा में जाएगा, कितनी तेजी से जाएगा और उसका बहाव कैसा होगा। इसके लिए कुछ गणितीय समीकरण हैं, जिन्हें नेवियर-स्टोक्स इक्वेशन कहा जाता है। OpenAI Navier-Stokes समस्या पर अपने नए मॉडल के जरिए समाधान का दावा कर रहा है। कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल अभी आम लोगों के इस्तेमाल के लिए जारी नहीं किया गया है और न ही इसके नाम का खुलासा किया गया है। ओपनएआई ने अपने नए मॉडल को GPT-6 Astra से भी ज्यादा सक्षम इंटरनल मॉडल बताया है। GPT-6 Astra 3 सितंबर 2026 को रिलीज हुआ है।
करीब 10 हजार AI एजेंट्स ने किया काम
ओपनएआई ने यह काम अकेले एक सिस्टम की तरह नहीं किया। कंपनी ने करीब 10,000 AI एजेंट्स को इस काम में लगाया था। ओपनएआई के मुताबिक, इन एजेंट्स ने समस्या पर काम करते हुए करीब 30 लाख मैसेज का आदान-प्रदान किया। इस दौरान करीब 130 अरब आउटपुट टोकन का इस्तेमाल हुआ। कंपनी के मुताबिक, AI से मिले समाधान ने इस समस्या से जुड़ी चार में से दो अहम बातों को साबित किया है। इसका मतलब है कि पूरी समस्या अभी हल नहीं हुई है। यही वजह है कि खबर के शीर्षक में भले ही इसे दुनिया के सात सबसे मुश्किल सवालों में से एक को हल करने के दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन कंपनी की अपनी जानकारी के अनुसार समस्या का पूरा समाधान अभी बाकी है।
10 लाख डॉलर के इनाम का दावा नहीं कर रही कंपनी
ओपनएआई ने साफ किया है कि वह इस नतीजे के लिए 10 लाख डॉलर के प्राइज का दावा नहीं कर रहा है।n इस दौरान एक विवाद भी सामने आया है। गणितज्ञ ट्रिस्टन बकमास्टर और एंथ्रोपिक से जुड़े गणितज्ञ लेवेंट अल्पोगे भी इसी समस्या पर काम कर रहे थे। कंपनी के दावे के मुताबिक उसके नए मॉडल ने समस्या से जुड़ी चार में से दो अहम बातों को साबित किया है। इसलिए यह उपलब्धि गणित और AI के बीच बढ़ते संबंध की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन इसे पूरी नेवियर-स्टोक्स समस्या के अंतिम समाधान के रूप में पेश नहीं किया गया है। OpenAI Navier-Stokes समस्या पर यह दावा AI की गणितीय क्षमता को लेकर नई बहस को जन्म देता है, खासकर तब जब AI सिस्टम जटिल वैज्ञानिक और गणितीय समस्याओं पर मानव विशेषज्ञों के साथ या उनके समान स्तर पर काम करने की कोशिश कर रहे हैं।

