मध्यप्रदेश निवेश: दुबई दौरे में ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, CM मोहन यादव ने दिया ग्लोबल कंपनियों को न्योता

मुख्यमंत्री मोहन यादव दुबई में मध्यप्रदेश निवेश का न्योता देते हुए

दुबई दौरे में मिले ₹53 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 6 से 8 सितंबर का दुबई दौरा मध्यप्रदेश की निवेश रणनीति को वैश्विक मंच पर नए विस्तार देने वाला रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा निवेश के साथ तकनीक, बाजार, निर्यात और रोजगार को जोड़कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश एवं विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। AIM Congress-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को केवल निवेश के गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक कंपनियों और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया। दुबई प्रवास के दौरान लगभग ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

यूएई के शीर्ष मंत्रियों, तातारस्तान के नेतृत्व, विश्व बैंक और डीपी वर्ल्ड, क्रिसेंट एंटरप्राइजेज, जेम्स एजुकेशन, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, राणा होल्डिंग्स, VFS ग्लोबल और BEEAH जैसी कंपनियों के साथ हुई बैठकों में लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, एआई एवं डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी, फार्मा, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, आधुनिक विनिर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी साझेदारी की संभावनाएं खुलीं।

मध्यप्रदेश को केवल निवेश गंतव्य नहीं, साझेदार बनाने पर जोर

दुबई ने मध्यप्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का अध्ययन करने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने, विमानन संपर्क बढ़ाने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में उच्चस्तरीय निवेशक दल के साथ भागीदारी की दिशा में सहमति जताई। वहीं विश्व बैंक ने एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में सहयोग में रुचि दिखाई।

डीपी वर्ल्ड और शराफ ग्रुप के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, BEEAH के साथ कचरा प्रबंधन एवं वेस्ट-टू-एनर्जी, GEMS के साथ एजुकेशन और कौशल विकास तथा चोइथराम्स के साथ रिटेल और फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं ने दौरे को ठोस कारोबारी अवसरों से जोड़ा। शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम और यूएई के साथ निवेश राउंडटेबल की पहल के साथ मध्यप्रदेश ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब लक्ष्य केवल पूंजी आकर्षित करना नहीं, बल्कि पूंजी, तकनीक, बाजार, रोजगार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मध्यप्रदेश से जोड़ना है। मध्यप्रदेश निवेश के लिए राज्य सरकार ने 25 से अधिक नई नीतियों और 2700 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त करने की जानकारी भी निवेशकों के सामने रखी।

ग्लोबल निवेश मानचित्र पर मजबूत होता मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने AIM Congress-2026 में दुनिया के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता दिया और सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। 25 से अधिक नई नीतियां निवेश और कारोबार को आसान बनाने के लिए लागू की गई हैं। प्रदेश में MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं। वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से ₹76 हजार करोड़ से अधिक के निर्यात का लक्ष्य/आंकड़ा सामने रखा गया है। भविष्य के सेक्टरों पर फोकस के तहत एआई, डेटा, ड्रोन, डिफेंस, साइंस सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेश के नए क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

भूमि, बिजली और पानी को निवेश की ताकत बताया

मध्यप्रदेश की पर्याप्त लैंड बैंक, भूमि, सरप्लस बिजली, जल संसाधन और ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता को निवेश की बड़ी ताकत बताया गया है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी है। फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और कृषि निर्यात में यूएई और खाड़ी बाजार को लक्ष्य बनाया जा रहा है। चंदेरी और महेश्वरी को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट निर्माण से जोड़ने की योजना है। डीपी वर्ल्ड के साथ पवारखेड़ा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब की संभावनाएं भी सामने आई हैं।

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