पत्नी के क्रेडिट कार्ड से बिजनेस खर्च पर ITAT का बड़ा फैसला, Income Tax विभाग को झटका
पत्नी के क्रेडिट कार्ड से किए गए 6.42 लाख रुपये के बिजनेस ट्रैवल खर्च को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (आयकर विभाग) ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि भुगतान कारोबारी की पत्नी के कार्ड से हुआ था। मामला इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) मुंबई पहुंचा, जहां कारोबारी को बड़ी राहत मिली। ITAT का बड़ा फैसला यह रहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो किसी व्यक्ति को अपने जीवनसाथी के क्रेडिट कार्ड से बिजनेस खर्च करने से रोकता हो।
यह मामला मुंबई निवासी शाह से जुड़ा है। उन्होंने कारोबार के सिलसिले में पेरिस, रूस और अन्य जगहों की यात्रा की थी। इन यात्राओं पर कुल करीब 20.32 लाख रुपये खर्च हुए। इसमें से 6.42 लाख रुपये का भुगतान उन्होंने अपनी पत्नी के क्रेडिट कार्ड से किया। भारत लौटने के बाद शाह ने यह रकम अपनी पत्नी को वापस कर दी। यहीं से आयकर विभाग के साथ विवाद शुरू हो गया। आयकर विभाग के टैक्स अधिकारी (AO) ने तर्क दिया कि शाह की पत्नी का उनके बिजनेस ट्रैवल से कोई संबंध नहीं था और खर्च उनके बजाय पत्नी के क्रेडिट कार्ड से किया गया था। इसलिए 6.42 लाख रुपये के खर्च को बिजनेस खर्च के तौर पर स्वीकार नहीं किया गया।
ITAT ने क्या कहा?
मामला ITAT मुंबई पहुंचने पर ट्रिब्यूनल ने कारोबारी के पक्ष में फैसला दिया। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है, जो किसी व्यक्ति को अपने जीवनसाथी के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके बिजनेस खर्च करने से रोकता हो। ITAT ने यह भी माना कि अगर उस खर्च की रकम बाद में कार्डधारक यानी पत्नी को वापस कर दी गई है और खर्च वास्तव में बिजनेस के लिए हुआ है, तो सिर्फ इस वजह से इसे बिजनेस खर्च मानने से इनकार नहीं किया जा सकता कि भुगतान पत्नी के क्रेडिट कार्ड से किया गया था। ITAT का बड़ा फैसला इस बात पर भी महत्वपूर्ण है कि भुगतान का तरीका अकेले यह तय नहीं करता कि खर्च कारोबार से जुड़ा था या नहीं।
पत्नी को रकम लौटाने पर भी सवाल
इस मामले में एक और अहम सवाल उठा था। CIT (Appeals) ने माना था कि अगर पत्नी ने कारोबारी के लिए भुगतान किया है और बाद में उसे रकम लौटाई गई, तो इसे सर्विस के बदले भुगतान माना जा सकता है और उस पर TDS लागू होना चाहिए। ITAT ने इस दलील को भी खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि पत्नी को किसी सेवा के बदले भुगतान नहीं किया गया था। उनके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके जो खर्च किया गया था, उसकी सिर्फ प्रतिपूर्ति (reimbursement) की गई थी। इसलिए पत्नी को लौटाई गई रकम पर TDS काटने की जरूरत नहीं थी।
टैक्सपेयर्स के लिए क्या है सबक?
टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक परिवार के किसी सदस्य के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके बिजनेस खर्च करना अपने आप में गलत नहीं है। लेकिन ऐसे मामलों में पूरी डॉक्यूमेंट्री ट्रेल रखना बेहद जरूरी है। इसमें बिजनेस यात्रा का उद्देश्य, बिल और इनवॉइस, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, बैंक स्टेटमेंट और कार्डधारक को किए गए reimbursement का रिकॉर्ड शामिल होना चाहिए। ITAT का बड़ा फैसला यह बताता है कि वास्तविक कारोबारी खर्च को केवल भुगतान के तरीके के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।

