MCX Gold Silver Crash: खुलते ही धड़ाम हुए सोना-चांदी, 1 घंटे में 4,400 रुपये टूटी चांदी

सोना चांदी बाजार क्रैश के बाद सर्राफा बाजार में आभूषणों के गिरे हुए भाव

वायदा बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिरीं कीमती धातुएं

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार सुबह का कारोबारी सत्र शुरू होते ही सोने और चांदी की कीमतों में अचानक जोरदार बिकवाली का दबाव देखा गया। बाजार खुलने के महज एक घंटे के भीतर दोनों कीमती धातुओं के भाव तेजी से नीचे फिसल गए और चांदी की कीमत 4,400 रुपये से भी ज्यादा तक लुढ़क गई।

धनतेरस और दिवाली के महापर्व से ठीक पहले कीमती धातुओं में आई यह तेज गिरावट उन लाखों आम खरीदारों के लिए खरीदारी का एक बेहतरीन और दुर्लभ मौका बनकर सामने आई है, जो लंबे समय से भाव कम होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। मंगलवार सुबह 10 बजे के करीब एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 1,38,875 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 1,386 रुपये की सीधी गिरावट आ चुकी थी। इस प्रकार शुरू हुआ सोना चांदी बाजार क्रैश खुदरा खरीदारों के लिए राहत लेकर आया है।

चांदी में 2% से ज्यादा का गोता, 1.79 लाख पर आई

चांदी के वायदा अनुबंधों में गिरावट और भी ज्यादा आक्रामक रही। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 2 फीसदी से अधिक टूटकर 1,79,200 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। सुबह 10 बजे तक के शुरुआती सौदों में ही चांदी के दाम में 4,429 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी थी।

कमोडिटी बाजार के जानकारों का अनुमान है कि घरेलू हाजिर बाजार में सोने की कीमतें अगले कुछ दिनों तक 1,36,500 रुपये से लेकर 1,41,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में ही उतार-चढ़ाव दिखाती रहेंगी। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर छाई अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के कारण सटोरियों ने अपने लॉन्ग सौदे काटे हैं, जिससे सोना चांदी बाजार क्रैश के हालात बने हैं।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की अनिश्चितता का दबाव

कीमतों में आई इस तेज गिरावट का सबसे बड़ा वैश्विक कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों को लेकर बना संशय है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में यह गंभीर आशंका बनी हुई है कि फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए अपनी नीतिगत ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बरकरार रख सकता है। ऊंची दरों के चलते बिना ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोने की होल्डिंग लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेशक सरकारी बॉन्ड्स की ओर रुख करते हैं।

एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट एवं कमोडिटी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, घरेलू बाजार में सोना करीब 1,38,300 रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड 3,900 डॉलर प्रति औंस के आसपास झूल रहा है। जब तक फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति से ब्याज दरों की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं होती, तब तक कीमतों में यह अस्थिरता बनी रहेगी। बहरहाल, शादी-ब्याह और त्योहारी खरीदारी के लिए सोना चांदी बाजार क्रैश एक अनुकूल अवसर साबित हो रहा है।

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