सेबी ने विदेशी निवेशकों का LTCG टैक्स हटाने की सिफारिश की: MF स्कीम बदलने पर भी मिल सकती है छूट, बजट से पहले बड़ा प्रस्ताव
विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए सेबी का बड़ा नीतिगत प्रस्ताव
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने केंद्र सरकार को आगामी केंद्रीय बजट से पहले एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रस्ताव भेजा है। सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को पूरी तरह समाप्त करने की औपचारिक सिफारिश की है। इसके साथ ही बाजार नियामक ने देश के करोड़ों घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी बड़ा वित्तीय संबल देने का प्रस्ताव रखा है।
इस प्रस्ताव के तहत यदि कोई निवेशक अपनी पूंजी को एक म्यूचुअल फंड योजना से निकालकर उसी फंड हाउस की किसी दूसरी योजना में स्थानांतरित (स्विच) करता है, तो उस पर लगने वाले कैपिटल गेन टैक्स से पूर्ण छूट देने का सुझाव दिया गया है, बशर्ते संबंधित निवेशक ने उन यूनिटों को 1 साल से अधिक समय तक होल्ड करके रखा हो। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। यह सेबी एलटीसीजी टैक्स सिफारिश भारतीय बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह की दिशा बदल सकती है।
विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर की बिकवाली से उपजी चिंता
गौरतलब है कि यह महत्वपूर्ण सिफारिश फरवरी में पेश होने वाले आम बजट से कुछ महीने पूर्व वित्त मंत्रालय को भेजी गई है। हालांकि, सेबी के ये सुझाव सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं हैं और इन पर अंतिम निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल को ही लेना है। पिछले दो वर्षों में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन उभरते बाजारों के अन्य देशों की तुलना में काफी सुस्त रहा है।
चालू कैलेंडर वर्ष में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर की शुद्ध बिकवाली की है। वहीं घरेलू बाजारों से मिलने वाले रिटर्न के ठहर जाने के कारण भारतीय खुदरा निवेशकों का रुझान भी तेजी से विदेशी बाजारों की ओर बढ़ा है। विदेशी निवेशकों की इस भारी बिकवाली से भारतीय रुपये पर लगातार गिरावट का दबाव बना हुआ है। विदेशी निवेशकों ने बैठकों में बार-बार शिकायत की थी कि भारत में लेनदेन लागत और टैक्स ढांचा दुनिया में सबसे जटिल और महंगा है। इसी गतिरोध को तोड़ने के लिए सेबी एलटीसीजी टैक्स सिफारिश को बेहद रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
वर्तमान में 12.5% है एलटीसीजी, जेफरीज ने माना गेमचेंजर
वर्तमान कर प्रणाली के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में 1 साल से अधिक समय तक रखी गई प्रतिभूतियों पर निवेशकों को 12.5 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स और 1 साल से कम की होल्डिंग पर 20 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त शेयरों की खरीद-बिक्री पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) और लाभांश पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) की दोहरी मार पड़ती है।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस संदर्भ में अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पूंजीगत लाभ कर में किसी भी तरह की कटौती या छूट विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार के आकर्षण को कई गुना बढ़ा देगी। अन्य विश्लेषकों का अनुमान है कि कैपिटल गेन टैक्स हटने से विदेशी निवेशकों का शुद्ध वार्षिक रिटर्न 2.3 प्रतिशत अंक तक बढ़ जाएगा, जिससे भारत को अरबों डॉलर का नया संस्थागत निवेश मिल सकेगा। इस प्रकार सामने आई सेबी एलटीसीजी टैक्स सिफारिश पर अब उद्योग जगत की नजरें वित्त मंत्रालय के फैसले पर टिक गई हैं।
