Odisha Semiconductor Hub: ओडिशा में 4 अरब डॉलर का निवेश, 5 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स की तैयारी
खनिज आधारित से बौद्धिक और चिप आधारित अर्थव्यवस्था की ओर छलांग
पारंपरिक रूप से भारी खनन, धातु उद्योग और खनिज-आधारित कारखानों के प्रभुत्व वाले राज्य ओडिशा के औद्योगिक परिदृश्य में एक युगांतरकारी तकनीकी बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य अब वैश्विक चिप निर्माण और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) में भारत का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस विजन के तहत ओडिशा सरकार राज्य में लगभग 4 अरब डॉलर (करीब 34,000 करोड़ रुपये) से अधिक के प्रत्यक्ष निवेश वाली पांच विशाल सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड पैकेजिंग परियोजनाएं लाने की योजना पर तेजी से अमल कर रही है।
शुक्रवार को ‘टाइकॉन भुवनेश्वर 2026’ (TiECon Bhubaneswar) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) विशाल कुमार देव ने इस महत्वाकांक्षी रोडमैप की आधिकारिक घोषणा की। इस रणनीतिक पहल से शुरू हुआ ओडिशा सेमीकंडक्टर निवेश पूर्वी भारत को विश्व के हाई-टेक नक्शे पर स्थापित कर रहा है।
भारत की पहली कंपाउंड फैब और 3D पैकेजिंग यूनिट ओडिशा में
अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के तहत पूरे देश के लिए स्वीकृत की गई 12 प्रमुख परियोजनाओं में से दो सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाएं अकेले ओडिशा की धरती पर स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत की पहली ‘कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट’ और पहली उन्नत ‘3D ग्लास चिप पैकेजिंग यूनिट’ पर भुवनेश्वर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बेहद तीव्र गति से निर्माण कार्य चल रहा है।
इन दोनों ऐतिहासिक परियोजनाओं का औपचारिक शिलान्यास केंद्र और राज्य सरकार से अंतिम विधिक मंजूरी मिलने के मात्र 6 से 8 महीने के रिकॉर्ड समय के भीतर संपन्न कर लिया गया था। देव ने कहा कि ओडिशा अब पुरानी ‘खदान-आधारित अर्थव्यवस्था’ (माइन-बेस्ड) से छलांग लगाकर ‘दिमाग और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था’ (ब्रेन-बेस्ड) की ओर अग्रसर हो चुका है। इस परिवर्तनकारी सफर में ओडिशा सेमीकंडक्टर निवेश राज्य के शिक्षित युवाओं के लिए लाखों उच्च-वेतन वाली नौकरियों के द्वार खोल रहा है।
इंटेल और 3D ग्लास सॉल्यूशंस से वैश्विक साझेदारी, एआई नीति
राज्य सरकार ने वैश्विक चिप कंपनियों इंटेल (Intel) और 3D ग्लास सॉल्यूशंस के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग समझौते किए हैं, जिसका उद्देश्य वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में ओडिशा को अग्रणी आपूर्तिकर्ता बनाना है। विशाल कुमार देव ने कहा कि जैसे 20वीं सदी में कच्चा तेल दुनिया की ताकत था, आज डेटा नया तेल है और आने वाले कल में ‘क्वांटम कंप्यूटिंग’ नया तेल साबित होगा, और ओडिशा ने इस दिशा में समय से पहले कदम बढ़ा दिए हैं।
ओडिशा देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने अपनी स्वयं की व्यापक एआई नीति (AI Policy) लागू की है और राज्य एआई मिशन का गठन किया है। राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि प्रचुर पानी, निर्बाध बिजली, कुशल तकनीकी प्रतिभा और प्रगतिशील नीतियों के चलते ओडिशा विदेशी कंपनियों की पहली पसंद बन चुका है। जेएसडब्ल्यू बीपीएसएल के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह और टाइकॉन अध्यक्ष अयस्कान्त मोहंती ने भी इस बात की पुष्टि की कि ओडिशा सेमीकंडक्टर निवेश भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की आधारशिला साबित होगा।
