पुतिन की NATO को परमाणु धमकी: कलिनिनग्राद हमला हुआ तो सारे हथियार तैयार
NATO को पुतिन की चेतावनी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को NATO देशों को परमाणु हमले की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर रूस की किसी भी जमीन पर हमला होता है तो रूस अपने सभी हथियारों से जवाब देगा। पुतिन ने मॉस्को में वाल्दाई फोरम के दौरान कहा कि NATO अगर कलिनिनग्राद को रूस से अलग करने की कोशिश करता है तो रूस तुरंत जवाब देगा। पुतिन ने बताया कि कलिनिनग्राद रूस का एक अलग इलाका है। यह रूस के बाकी हिस्से से जुड़ा नहीं है और रूस की सीमा से करीब 300 किलोमीटर दूर यूरोप में पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1945 से इस इलाके पर रूस का कब्जा है।
कलिनिनग्राद को लेकर रूस का बयान
कलिनिनग्राद हमला होने की स्थिति में रूस की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया की बात पुतिन के बयान का मुख्य हिस्सा रही। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश रूस और यूरोप के बीच तनाव बढ़ा रहे हैं। पुतिन के अनुसार पश्चिमी देश आने वाले वर्षों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी की बात कर रहे हैं। उन्होंने बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास और रूसी जहाजों को जब्त करने का भी जिक्र किया। पुतिन के मुताबिक इन गतिविधियों से यूरोप में रूस के खिलाफ तनाव बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूस यूरोप के किसी देश पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है, लेकिन अगर रूस के किसी इलाके पर हमला होता है तो वह अपनी सुरक्षा के लिए अपने सभी हथियारों का इस्तेमाल करेगा।
NATO ने बयान का विरोध किया
पुतिन के बयान के बाद NATO की ओर से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी का विरोध किया गया। NATO की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने बुधवार को कहा कि NATO बल प्रयोग की धमकी और गैर-जिम्मेदाराना परमाणु बयानों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि NATO कलिनिनग्राद को निशाना नहीं बना रहा है और वह एक रक्षात्मक गठबंधन है। NATO की ओर से यह भी कहा गया कि उसकी सैन्य गतिविधियों से रूस के किसी भी इलाके को खतरा नहीं है। NATO के चीफ मार्क रुटे ने भी रूस से परमाणु हमले की धमकियां बंद करने को कहा। इस तरह पुतिन के बयान पर रूस और NATO के बीच बयानबाजी सामने आई।
रूस का यूरोप पर आरोप
पुतिन ने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश रूस के साथ भविष्य में युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास और रूसी जहाजों को जब्त करने जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया। कलिनिनग्राद हमला होने की आशंका को लेकर यह बयान उसी समय सामने आया जब मॉस्को की ओर से पहले भी NATO को चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई थी। रूस ने कहा था कि अगर कोई देश रूस के कलिनिनग्राद इलाके को बाकी रूस से अलग करने की कोशिश करता है तो रूस उसकी रक्षा के लिए परमाणु हथियार भी इस्तेमाल कर सकता है।
कलिनिनग्राद की भौगोलिक स्थिति
लेख के अनुसार कलिनिनग्राद रूस का ऐसा इलाका है जो मुख्य रूसी भूभाग से अलग स्थित है। यह यूरोप में पोलैंड और लिथुआनिया के बीच है। रूस ने इस क्षेत्र पर 1945 के बाद से अपना नियंत्रण बनाए रखा है। पुतिन ने इसी क्षेत्र को लेकर NATO की गतिविधियों और संभावित खतरे पर अपना रुख स्पष्ट किया। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस किसी यूरोपीय देश पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि रूस की किसी जमीन पर हमला होने पर वह अपनी सुरक्षा के लिए सभी हथियारों का उपयोग कर सकता है। NATO ने इन परमाणु धमकी वाले बयानों का विरोध करते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदाराना बताया।
