एशियन गेम्स में भारत का गोल्डन धमाका, 1 मिनट में 2 गोल्ड

एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले भारतीय पहलवान और बॉक्सर

एक मिनट में दो स्वर्ण पदक

एशियन गेम्स में शुक्रवार को भारत ने एक मिनट के अंदर दो गोल्ड मेडल जीते। सुजीत कालकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडियेव को 10-9 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके तुरंत बाद अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में दक्षिण कोरिया के मिनसॉन्ग किम को 4-0 से हराकर गोल्ड जीता। अंकुश के गोल्ड से ठीक एक मिनट पहले सुजीत कालकल ने कुश्ती के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में शानदार जीत दर्ज की थी। इस तरह भारत के खाते में लगातार दो स्वर्ण पदक आए। दोनों खिलाड़ियों के मुकाबलों के बीच बहुत कम अंतर रहा और इसी वजह से भारत के प्रदर्शन को एक मिनट में दो गोल्ड के रूप में देखा गया।

इससे पहले भी मिले स्वर्ण पदक

सुजीत और अंकुश की जीत से पहले बॉक्सर परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा और लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता था। पहली बार 3 भारतीय मुक्केबाज एशियन गेम्स में चैंपियन बने हैं। सुबह भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रिकर्व इवेंट में भी गोल्ड दिलाया। इसके साथ भारत के 13 गोल्ड मेडल हो गए और वह मेडल टैली में 5वें नंबर पर पहुंच गया। लेख के अनुसार विमेंस हॉकी का फाइनल भारत और चीन के बीच खेला जाना था। मुकाबला पहले 3:30 बजे शुरू होने वाला था, लेकिन एक घंटे की देरी से शुरू हुआ। मैच लेट होने की वजह सामने नहीं आई थी।

सुजीत की मुकाबले में शानदार वापसी

बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बनने वाले अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसॉन्ग को 4-0 से हराया। वहीं सुजीत कालकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में फाइनल के दौरान पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। एक समय वह 2-9 से पीछे थे और मुकाबले में सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड का खेल बाकी था। इसके बाद सुजीत ने लगातार टेकडाउन किए और तेजी से तीन बार 2-2 अंक जुटाकर स्कोर 8-9 तक पहुंचाया। मुकाबले के आखिरी 11 सेकंड में उन्होंने एक और टेकडाउन किया। इससे उन्हें 2 अंक मिले और उनका स्कोर 10 हो गया। इसी के साथ वह कुदियेव के 9 अंकों को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड अपने नाम करने में सफल रहे।

भारत का पहले के मुकाबलों से प्रदर्शन

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने गोल्ड के लिहाज से ऑल टाइम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते। 2010 एशियाड में भारतीय मुक्केबाजों ने 2 गोल्ड समेत कुल 9 मेडल जीते थे। वहीं 2022 में भारत के खाते में 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 मेडल आए थे। लेख में यह भी बताया गया है कि अंकुश के गोल्ड के साथ भारतीय बॉक्सिंग के तीन गोल्ड मेडल हो गए। 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले भारतीय पुरुषों की सूची में अंकुश का नाम जुड़ा। सुजीत कालकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड हासिल किया और फाइनल में कुडियेव को 10-9 से हराकर जीत दर्ज की।

भारत की मेडल टैली में बढ़त

दो स्वर्ण पदकों के साथ भारत की पदक संख्या आगे बढ़ी। पुरुषों की बॉक्सिंग और कुश्ती दोनों में मिली जीत ने शुक्रवार के प्रदर्शन को खास बनाया। इससे पहले परवीन हुड्डा, लवलीना बोरगोहेन और महिला तीरंदाजी टीम के स्वर्ण पदक भी भारत के खाते में आ चुके थे। मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल की जीत और कुश्ती में सुजीत कालकल की वापसी ने भारत के प्रदर्शन में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा। एक तरफ 4-0 की बॉक्सिंग जीत रही, दूसरी तरफ 65 किग्रा कुश्ती फाइनल में पिछड़ने के बाद सुजीत ने मुकाबला पलटकर 10-9 से जीत हासिल की।

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