ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उद्धव-राज ठाकरे का मुंबई में प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का मुंबई में प्रदर्शन

मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे ने निकाला संयुक्त मार्च

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। दोनों नेताओं ने मेट्रो स्टेशन से मार्च शुरू किया और महानगरपालिका भवन तक पहुंचे। उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे की मनसे ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में हुई SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला जनता को करना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं। वहीं उद्धव ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार को बीजेपी का हथियार बताया। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश में पिछले तीन दिनों में दो शहरों में तीन बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। इसके अलावा अलग-अलग संगठन और पार्टियां भी विरोध मार्च निकाल चुकी हैं। दोनों नेताओं के इस संयुक्त प्रदर्शन को महाराष्ट्र की चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रहे विरोध का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

SIR प्रक्रिया और मतदाताओं के नाम को लेकर सवाल

राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार कौन बनाएगी और सरकार कैसे चलेगी, इसका फैसला जनता और मतदाताओं को करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत विरोध नहीं है, बल्कि विरोध इस बात को लेकर है कि सरकार किस तरह चल रही है और सत्ता का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान SIR प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। नेताओं ने सवाल किया कि अगर लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं तो वे लोग कौन हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि चुनाव आयोग को सरकार बनने और सरकार चलने के फैसले में भूमिका नहीं निभानी चाहिए। उनके अनुसार, चुनाव और सरकार से जुड़े अंतिम फैसले जनता तथा मतदाताओं के हाथ में होने चाहिए।

चुनाव आयोग के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश में पिछले कुछ दिनों में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। मुंबई का प्रदर्शन भी इसी क्रम में हुआ। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त रूप से मार्च निकालकर चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। प्रदर्शन के दौरान महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग प्रमुख रही। राज ठाकरे ने कहा कि सरकार किसकी बनेगी, यह जनता तय करेगी। उद्धव ठाकरे ने भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए और नेताओं ने मेट्रो स्टेशन से महानगरपालिका भवन तक मार्च किया। दोनों दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई।

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