भोपाल मास्टर प्लान: PC शर्मा का 37 घंटे उपवास, सरकार पर लगाए आरोप
मास्टर प्लान लागू कराने की मांग
भोपाल की राजधानी में भोपाल मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने रोशनपुरा चौराहे पर 37 घंटे का उपवास शुरू किया। उनके साथ पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, अरुणेश्वर शरण सिंह देव, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पास अपने कार्यालय के मास्टर प्लान और उसके ऊपर हेलीपैड बनाने की योजना के लिए समय है, लेकिन भोपाल के मास्टर प्लान को लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं है।
पुराने और प्रस्तावित प्लान का मुद्दा
पीसी शर्मा के अनुसार भोपाल का आखिरी मास्टर प्लान 1995 में दिग्विजय सिंह सरकार के समय लागू हुआ था। नियम के अनुसार हर दस साल में मास्टर प्लान आना चाहिए, लेकिन 2005 के बाद इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार के दौरान 2031 का मास्टर प्लान तैयार कर 6-7 मार्च 2020 को प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया होनी थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने इसे लागू नहीं किया।
व्यवस्थित विकास और मिक्स लैंडयूज
शर्मा का कहना था कि भोपाल मास्टर प्लान लागू होने पर आम नागरिकों को आवासीय निर्माण, व्यवसाय और अन्य गतिविधियों के लिए तय नियमों के तहत अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने भोपाल के बाहरी इलाकों में अव्यवस्थित विकास का आरोप लगाते हुए कहा कि मास्टर प्लान लागू होने पर ग्रीन बेल्ट, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की स्पष्ट व्यवस्था होगी। उन्होंने सरकार से मिक्स लैंडयूज की अनुमति देकर आवासीय और व्यावसायिक दोनों वर्गों को राहत देने की मांग की।

